खास बातें
- दुनिया में गहराते आर्थिक संकट के बीच हो रही जी-20 बैठक का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, ऐसे में विकसित और विकासशील देशों को इसे संकट से बाहर निकालने के लिए रचनात्मक प्रस्तावों के सा
लॉस काबोस: दुनिया में गहराते आर्थिक संकट के बीच हो रही जी-20 बैठक का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, ऐसे में विकसित और विकासशील देशों को इसे संकट से बाहर निकालने के लिए रचनात्मक प्रस्तावों के साथ आगे आना चाहिए।
चार साल पुराने इस समूह-20 की सातवीं शिखर बैठक में वैश्विक आर्थिक संकट को लेकर बढ़ती चिंता साफ झलक रही है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसी चिंता के मद्देनजर जी-20 को ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने का सुझाव दिया है ताकि वैश्विक आर्थिक वृद्धि को गति दी जा सके।
प्रधानमंत्री ने मैक्सिको के इस तटीय रिजॉर्ट स्थित शहर पहुंचने पर संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘पूरी दुनिया गंभीर संकट के दौर में है, मुझे उम्मीद है कि जी-20 के देश दुनिया को इस संकट से उबारने के लिए रचनात्मक प्रस्तावों के साथ आगे आएंगे।’
जी-20 देश पूरी दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद में 80 प्रतिशत योगदान रखते हैं। ऐसे में समूह की दो दिन तक चलने वाले शिखर सम्मेलन में अर्थशास्त्री से राजनीतिज्ञ बने मनमोहन सिंह द्वारा 17 देशों के यूरोक्षेत्र के वित्तीय संकट को दूर करने के समाधान में अग्रणी भूमिका निभाए जाने की उम्मीद है।