खास बातें
- वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि यूपीए सरकार गठबंधन की राजनीति से खुद को अलग नहीं रख सकती है और यह ऐसी सच्चाई है, जिसे यूपीए सरकार को स्वीकार करना ही होगा।
वाशिंगटन: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि यूपीए सरकार गठबंधन की राजनीति से खुद को अलग नहीं रख सकती है और यह ऐसी सच्चाई है, जिसे यूपीए सरकार को स्वीकार करना ही होगा। एनडीटीवी से खास बातचीत में प्रणब ने कहा कि सहयोगियों को साथ लेकर चल पाने में ही सरकार की कामयाबी निर्भर है।
वित्तमंत्री अमेरिका की राजधानी में वाशिंगटन में वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ की सालाना बैठक में शामिल होने गए हैं। सरकार के भीतर और बाहर से आलोचनाओं व आर्थिक सुधारों की गति थमने को लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु की विवादास्पद टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था में अपनी प्राथमिकताओं पर भरोसा जताया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में नीतिगत अपंगता का कोई सवाल ही नहीं उठता। निर्णयों की कमी के बारे में आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने हाल के महीनों में कई नीतिगत निर्णय किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक नई विनिर्माण नीति बनाई है। इससे पहले हमने घोषणा की कि हम ढांचागत ऋण कोष का गठन करेंगे। हमने ढांचागत ऋण कोष का गठन किया।’’
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हमने घोषणा की कि हम वाणिज्यिक ऋण तक पहुंच आसान करेंगे। इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। इसलिए मैं तथाकथित नीतिगत अपंगता के उनके नजरिए से सहमत नहीं हूं। सरकार में कोई नीतिगत अपंगता नहीं है।’’