यह ख़बर 12 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

उद्योग का पहिया थमा, वृद्धि दर घटकर 3.3%

खास बातें

  • मशीन उपकरण इकाइयों, विनिर्माण उद्योग और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के चलते औद्योगिक वृद्धि दर घटकर मात्र 3.3 प्रतिशत रही।
New Delhi:

मशीन उपकरण इकाइयों, विनिर्माण उद्योग और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के चलते औद्योगिक वृद्धि दर घटकर मात्र 3.3 प्रतिशत रही। जुलाई का महीना औद्योगिक क्षेत्र के लिए निराशाजनक रहा और इस दौरान मशीन उपकरण इकाइयों, विनिर्माण उद्योग और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के चलते औद्योगिक वृद्धि दर घटकर मात्र 3.3 प्रतिशत रही। पिछले साल जुलाई में औद्योगिक वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में अप्रैल, जुलाई के दौरान औद्योगिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रही, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 9.7 प्रतिशत थी। जुलाई, 2011 में विनिर्माण क्षेत्र महज 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर सका जबकि बीते साल जुलाई में इस क्षेत्र की रफ्तार 10.8 प्रतिशत थी। उल्लेखनीय है कि औद्योगिक उत्पादन में विनिर्माण क्षेत्र 75 प्रतिशत से अधिक का योगदान करता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई, 2011 में पूंजीगत सामान (मशीनरी और कारखानों में काम आने वाले उपकरण) बनाने वाले क्षेत्र की वृद्धि दर में 15.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल की इसी अवधि में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 40.3 प्रतिशत थी। वहीं, खनन उत्पादन की वृद्धि दर इस साल जुलाई में महज 2.8 प्रतिशत रही जो बीते साल जुलाई में 8.7 प्रतिशत थी। जुलाई, 2011 में माध्यमिक वस्तुओं का उत्पादन करने वाले क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 1.1 प्रतिशत पर आ गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.5 प्रतिशत थी जबकि टिकाउ उपभोक्ता सामान बनाने वाले उद्योग की वृद्धि दर घटकर 8.6 प्रतिशत पर आ गई जो जुलाई, 2010 में 14.8 प्रतिशत थी। हालांकि, बिजली उत्पादन में सुधार दर्ज किया गया और इस क्षेत्र की वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष जुलाई में 3.7 प्रतिशत थी।


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