खास बातें
- एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के जरिए तैयार की गई रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दिया है।
नई दिल्ली: कहते हैं कि प्यार की कोई कीमत नहीं लगा सकता लेकिन प्यार की तारीखें उपभोक्ताओं के जेब पर काफी वजन डाल रही हैं। सप्ताहभर चलने वाले वेलेंटाइन पर्व पर प्रेमी-प्रेमिकाओं द्वारा 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के जरिए तैयार की गई रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दिया है। प्यार के इस कारोबार का हिस्सा दूरसंचार क्षेत्र के कारोबारियों से लेकर रेस्टोरेंट और महंगे गिफ्ट कारोबारियों तक सबको मिल रहा है। दिसम्बर 2010 से जनवरी 2011 के बीच दो महीने में किए गए इस सर्वेक्षण में युवा प्रेमी-प्रेमिकाओं द्वारा अपने साथी को खुश करने के लिए किए जाने वाले खर्च का आंकलन किया गया है। वेलेंटाइन सप्ताह 7 फरवरी को रोज डे से शुरू हुआ। आठ फरवरी को प्रपोजल डे, नौ फरवरी को चॉकलेट डे, 10 फरवरी को टैडी डे, 11 फरवरी को प्रॉमिस डे, 12 फरवरी को हग डे मनाया गया। 13 फरवरी को किस डे और 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि इस साल वेलेंटाइन सप्ताह पर खर्च पिछले साल से 120 प्रतिशत ज्यादा रहेगा। उन्होंने कहा, "इस साल आर्थिक हालात में सुधार हुआ है और लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है। युवा और कुंवारे इस साल पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं वह पिछले साल की तुलना में 120 प्रतिशत ज्यादा खर्च कर सकते हैं।"