लखनऊ:
निवेश के लिहाज से सबसे ज्यादा संभावनापूर्ण कहा जा रहा और सबसे ज्यादा आबादी वाला उत्तर प्रदेश सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के मामले में सालाना विकास दर (सीएजीआर) के लिहाज से प्रमुख चार पिछड़े राज्यों में आखिरी पायदान पर है। उद्योग मंडल एसोचैम के ताजा अध्ययन में यह खुलासा किया गया है।
एसोचैम द्वारा 'बीमारू' राज्यों (बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश) को लेकर किए गए अध्ययन के मुताबिक उत्तर प्रदेश वर्ष 2004-05 से 2012-13 के बीच जीएसडीपी में मात्र 6.9 फीसदी की सीएजीआर हासिल कर सका है, जो इन चार राज्यों में सबसे कम है।
अध्ययन के मुताबिक इन नौ सालों में बिहार ने 'बीमारू' राज्यों में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान उसने जीएसडीपी में सबसे ज्यादा 9.3 फीसदी की सीएजीआर हासिल की है। उसके बाद मध्य प्रदेश (8.8 प्रतिशत) और राजस्थान (8.2 फीसद) की बारी आती है। हालांकि इसी अवधि में देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
एसोचैम के आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो द्वारा कराया गया अध्ययन यह बताता है कि हालांकि वर्ष 2004-05 से 2012-13 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे ज्यादा रहा, लेकिन जहां साल 2004-05 में यह 8.8 प्रतिशत था, वही 2012-13 में यह घटकर 8.1 फीसदी रहा गया।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने बताया कि अध्ययन में खुलासा हुआ है कि कृषि प्रधान कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में खेती तथा उससे जुड़े क्षेत्रों की सीएजीआर 2.9 प्रतिशत के निराशाजनक स्तर पर रही, जो इस क्षेत्र के राष्ट्रीय औसत (3.7 प्रतिशत) से काफी कम है। इस मामले में मध्य प्रदेश ने सात प्रतिशत की सीएजीआर के साथ बाजी मारी है।
एसोचैम के अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2004-05 से 2012-13 के बीच औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश मात्र 6.9 प्रतिशत की सीएजीआर हासिल कर सका, जबकि इसी अवधि में पूरे देश में 7.4 फीसदी के हिसाब से विकास हुआ। अध्ययन के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में बिहार ने सबसे ज्यादा 13.9 फीसदी की विकास दर हासिल की। उसके बाद मध्य प्रदेश (9.2 फीसद) और राजस्थान (8.5 प्रतिशत) की बारी आती है।
आलोच्य अवधि में सेवा क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। इस क्षेत्र में सूबे की विकास दर मात्र नौ फीसदी रही है, जो न सिर्फ अन्य 'बीमारू' राज्यों, बल्कि राष्ट्रीय औसत (9.6 प्रतिशत) से भी कम है। बिहार ने इस क्षेत्र में भी सर्वाधिक 10 प्रतिशत विकास दर हासिल कर बाजी मारी है। उसके बाद राजस्थान (9.7 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश (9.6 फीसद) का स्थान रहा।
एसोचैम के अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2004-05 से 2012-13 के बीच प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी उत्तर प्रदेश 4.8 प्रतिशत सीएजीआर के साथ सबसे पीछे रहा। इस मामले में बिहार 7.6 प्रतिशत सीएजीआर के साथ 'बीमारू' राज्यों में सबसे आगे रहा। मध्य प्रदेश (सात प्रतिशत) ने दूसरा स्थान और राजस्थान (6.1 फीसद) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।