यह ख़बर 21 मई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

नरेंद्र मोदी के सत्तासीन होने से पहले शीर्ष अधिकारियों ने महंगाई का जायजा लिया

नई दिल्ली:

भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ लेने से पहले शीर्ष नौकरशाहों ने बुधवार को कीमत स्थिति और मानसून के कमजोर रहने की स्थिति से निपटने को लेकर सरकार की तैयारी का जायजा लिया।

मंत्रिमंडल सचिव अजित सेठ द्वारा विभिन्न विभागों तथा मंत्रालयों के सचिवों की बुलाई गई बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की गई।

वित्त सचिव अरविंद मायाराम ने कहा, 'यह कीमतों को लेकर नियमित बैठक थी जो समय-समय पर होती रहती है। इसमें नया कुछ भी नहीं है। प्रत्येक महीने इस प्रकार की बैठक होती है, हम अपनी जानकारी को रखते हैं।'

सूत्रों के अनुसार बैठक के अन्य बातों के अलावा मानसून पर अल नीनो प्रभाव की स्थिति में खाद्यान की उपलब्धता पर चर्चा हुई।

उपभोक्ता मामलों तथा कृषि मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा खाद्यान भंडार तथा कृषि क्षेत्र में उत्पादन की संभावना के बारे में जानकारी दी।

महंगी सब्जियों, फल तथा दूध के कारण खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में तीन महीने के उच्च स्तर 8.59 प्रतिशत पर आ गई। सब्जियों की कीमत में सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत, फलों के दाम में 21.73 प्रतिशत तथा दूध के मूल्य में 11.42 प्रतिशत की तेजी आई है।

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भाजपा के घोषणा-पत्र में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की बात पहले स्थान पर है। भाजपा की अगुवाई में राजग सत्ता में आई है। मोदी सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।