एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा, NPA से निपटने के लिये निर्णायक कदम उठाने का समय

एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा, NPA से निपटने के लिये निर्णायक कदम उठाने का समय

एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा, NPA से निपटने के लिये निर्णायक कदम उठाने का समय (फाइल फोटो)

लंदन:

बैंकों के फंसे कर्ज में वृद्धि के बीच एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा है कि इस मामले में निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है. हालांकि उन्होंने ऐसे किसी कदम को लेकर आगाह किया जिससे यह लगे कि सरकार करदाताओं के धन का उपयोग प्रोत्साहन उपायों के लिये कर रही है.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार को बैंकों को साफ-सुथरा बनाये जाने से यह संकेत नहीं मिलना चाहिए कि कर्ज नहीं लौटाने वाले कर्जदार मामले में बच सकते हैं. सप्ताहांत एलएसई स्टुडेंट्स यूनियन इंडिया फोरम में वित्तीय सुधार पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के समक्ष बड़ी चुनौती गैर-निष्पादित कर्ज समाधान करने की है.

भारत के वृहत आर्थिक मानंदंडों में मजबूती को रेखांकित करते हुए पारेख ने कहा कि बही-खाते में दोहरी समस्या, कंपनियों तथा बैंक के बही खातों में दबाव,चिंताजनक है और अगर निजी निवेश में तेजी नहीं आती है, भारत की वास्तविक वृद्धि संभावना हासिल नहीं हो पाएगी.

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्ति कुल कर्ज का 11.2 प्रतिशत पहुंच जाने का अनुमान है. वहीं निजी क्षेत्र के बैंकों की सकल एनपीए 3.5 प्रतिशत पहुंच गयी है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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