यूरो 20 साल के निचले स्तर पर पहुंचा, अब हुआ डॉलर के बराबर
यूरो 20 साल के निचले स्तर पर आ गया और सोमवार को डॉलर के बराबरी पर पहुंच गया. यूरो में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब यूरोपियन देश इस चिंता की गिरफ्त में है कि ऊर्जा संकट की वजह से यह क्षेत्र मंदी का शिकार होगा और दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर मजबूत होता जा रहा है इस उम्मीद में कि फेडरल रिजर्व अपने साथियों की तुलना में तेजी से दरों में इजाफा करेगा.
जर्मनी में रूसी गैस ले जाने वाली सबसे बड़ी और अकेली पाइपलाइन, नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन ने सोमवार को वार्षिक रखरखाव शुरू किया. इस रखरखाव की वजह से अगले 10 दिनों तक गैस का प्रवाह रुकने की उम्मीद है. सरकारें, बाजार और कंपनियां चिंतित हैं कि यूक्रेन युद्ध के कारण शटडाउन बढ़ाया जा सकता है.
टोरंटो में CIBC कैपिटल मार्केट्स में एफएक्स रणनीति के उत्तर अमेरिकी प्रमुख बिपन राय ने कहा, "बाजारों के लिए सबसे अधिक चिंता यह है कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 वापस आने वाला है या नहीं."
कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने ट्वीट कर कहा,”यूरो और डॉलर 1:1 पर आ गया है. सोना, क्रिप्टो, पाउंड और येन उखड़ती जा रही हैं. अमेरिकी मुद्रा की सर्वोच्चता. उभरते बाजार वाले देशों को सतर्क रहने की जरूरत है. कुछ सबसे बड़े जोखिम मुद्राओं से उत्पन्न होते हैं और कुछ देशों को नष्ट कर सकते हैं. अपने पड़ोसियों लंका और पाकिस्तान को देखो.”
यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.0051 डॉलर तक गिर गया, जो दिसंबर 2002 के बाद सबसे कमजोर है. डॉलर इंडेक्स 108.19 पर पहुंच गया जो अक्टूबर 2002 के बाद सबसे ज्यादा है.