खास बातें
- देश में अस्थायी नियुक्तियां बढ़ रही हैं और इस साल बैंकिंग सहित कई क्षेत्रों में इस तरह की नौकरियों में 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा होगा।
Mumbai: देश में अस्थायी नियुक्तियां बढ़ रही हैं और इस साल बैंकिंग, एफएमसीजी, दूरसंचार, निर्माण, बुनियादी ढांचा और फार्मा क्षेत्रों में इस तरह की नौकरियों में 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा होगा। उद्योग विशेषज्ञों ने यह अनुमान लगाया है। स्टाफिंग समाधान फर्म टीम लीज सर्विसेज की सह संस्थापक और उपाध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा, अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ बैंकिंग, एफएमसीजी जैसे महत्वूपर्ण क्षेत्र तेजी से बढ़ रहे हैं। वे परियोजना या व्यस्त सीजन के दौरान अस्थायी नियुक्तियां करते हैं। रितुपर्णा ने कहा यह चलन हर साल बढ़ रहा है और इस साल इसमें 20 से 25 फीसद की वृद्धि की उम्मीद है। परंपरागत रूप से भारत में इसे ठेकेदारी प्रणाली कहा जाता है, पर पिछले सात-आठ साल में यह पेशेवराना तरीके से प्रबंधित उद्योग बन चुका है। क्षेत्र, कामकाज और स्थान के हिसाब से इन कर्मचारियों को 8,000 से 20,000 रुपये तक का मासिक वेतन मिलता है। अस्थायी स्टाफिंग फर्म जीआई स्टाफिंग सर्विसेज की क्षेत्रीय प्रमुख (उत्तर) कुमकुम अग्रवाल ने कहा कि त्योहारी सीजन में टिकाउ उपभोक्ता, फूड और बेवरेज के साथ शराब और यहां तक कि वाहनों की मांग में इजाफा होता है। इस साल त्योहारी सीजन में अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति में 25 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जीआई स्टाफिंग की क्षेत्रीय प्रमुख (दक्षिण) राजेश्वरी धार ने कहा, 18 से 25 साल के स्नातक जो क्षेत्रीय भाषाएं जानते हैं उनको इस तरह की नियुक्ति में तरजीह दी जाती है।