यह ख़बर 22 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मुकेश अम्बानी के 'घर' पर नहीं की टिप्पणी : टाटा

खास बातें

  • टाटा समूह ने एक बयान में कहा कि यह बात किसी दूसरे प्रसंग में कही गई थी और भारतीय मीडिया में इसे गलत तरीके से पेश की जा रही है।
मुम्बई:

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश अम्बानी की 27 मंजिला इमारत के बारे में टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा की टिप्पणी की खबर को खारिज करते हुए टाटा समूह ने एक बयान में कहा है कि यह बात किसी दूसरे प्रसंग में कही गई थी और भारतीय मीडिया में इसे गलत तरीके से पेश की जा रही है। टाटा समूह के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया "भारतीय मीडिया में आ रही खबरें रतन टाटा और टाइम्स ब्रिटेन के बीच हुई बातचीत पर आधारित है। इस बातचीत को मिर्च मसाला लगाकर गलत तरीके से परोसे जाने का हमें अफसोस है।" दक्षिण मुम्बई में अम्बानी के बहुमंजिले मकान एंटीला के बारे में रतन टाटा के हवाले से टाइम्स के शनिवार के संस्करण में लिखा गया "मुझे ताज्जुब होता है कि कोई क्यों ऐसा करेगा।" टाटा के हवाले से अखबार में लिखा गया "वहां रहने वाले व्यक्ति को आस पास की दुनिया के बारे में भी सोचना चाहिए कि वह उनके जीवन में कैसे बदलाव कर सकता है।" उनके हवाले से आगे लिखा गया "यदि वह ऐसा नहीं करता है तो यह अफसोसजनक है क्योंकि भारत को ऐसे लोगों की जरूरत है, जो आम आदमी की समस्याओं को कम करने के लिए अपनी विशाल सम्पत्ति का कुछ हिस्सा दे सके।" टाटा समूह के प्रवक्ता ने कहा कि रतन टाटा ने यह बात व्यापक संदर्भ में कही थी और ऐसा लग रहा है कि खबर को जानबूझ कर तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि पहले ही सम्बंधित मीडिया समूह को विरोध दर्ज करा दिया गया है और कम्पनी उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई भी करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया। एक अधिकारी से सम्पर्क करने पर उन्होंने कहा कि वह इस वाक्ये पर टिप्पणी नहीं करेंगे। बयान में कम्पनी ने टाटा की कोरस और जगुआर लैंडरोवर के ब्रिटिश कर्मचारियों को आलसी कहे जाने की बात से भी इनकार किया। बयान में कहा गया "हम यह बताना चाहते हैं कि टाइम्स ने बात को गलत तरीके से पेश किया है। साक्षात्कार में किसी भी वक्त टाटा ने ऐसा नहीं कहा।" बयान में कहा गया कि "टाटा ने कोरस और जगुआर के अधिग्रहण के वक्त उन कम्पनियों की प्रबंधन शैली के बारे में कहा था कि तब कर्मचारी अपनी ओर से अधिक योगदान नहीं करते थे और शुक्रवार शाम जल्दी कार्यालय से चले जाते थे। यह टिप्पणी इन कम्पनियों के वर्तमान प्रबंधन के बारे में नहीं थी। नए प्रबंधन में ऐसा नहीं किया जा रहा है।" टाटा समूह ने 2006 में इस्पात कम्पनी कोरस और 2008 में कार निर्माता कम्पनी जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण किया था।


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