यह ख़बर 11 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सैलरी पर चलेगी कैंची, पैकेज पर लगेगा पीएफ कानून

खास बातें

  • कर्मचारी भविष्य निधि संघ यानी ईपीएफओ ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिससे कर्मचारियों का ज्यादा वेतन कटकर पीएफ में जाएगा। कंपनी का हिस्सा भी ज्यादा कटेगा, लेकिन हर महीने कर्मचारियों को मिलने वाली तनख्वाह कम हो जाएगी।
नई दिल्ली:

कर्मचारी भविष्य निधि संघ यानी ईपीएफओ ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिससे कर्मचारियों का ज्यादा वेतन कटकर पीएफ में जाएगा। कंपनी का हिस्सा भी ज्यादा कटेगा, लेकिन हर महीने कर्मचारियों को मिलने वाली तनख्वाह कम हो जाएगी।

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि पीएफ के मामले में कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में आखिरी फैसला ईपीएफओ बोर्ड की मीटिंग में ही लिया जाएगा।

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अब तक कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी और डीए का ही 12 फीसदी हिस्सा पीएफ में जाता है, लेकिन अगर ईपीएफओ के सर्कुलर पर अमल होता है तो मूल वेतन के अलावा यात्रा, मेडिकल, शैक्षिक और घर के किराए जैसे भत्तों को भी तनख्वाह में शामिल करके उसका 12 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों और कंपनियों दोनों को पीएफ के तौर पर देना होगा। इससे हर महीने घर आने वाले वेतन में तो कमी आएगी ही टैक्स में भी ज्यादा पैसे कटने का अंदेशा बढ़ गया है।