खास बातें
- सीबीआई ने अदालत को बताया कि स्वान कुछ नहीं, बल्कि रिलायंस एडीए समूह की मुखौटा कंपनी थी जिसका इस्तेमाल नीति को धोखा देने के उद्देश्य से किया गया।
नई दिल्ली: सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि स्वान टेलीकॉम कुछ नहीं, बल्कि रिलायंस एडीए समूह की मुखौटा कंपनी थी जिसका इस्तेमाल नीति को धोखा देने के उद्देश्य से किया गया। विशेष वकील यूयू ललित ने सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी को बताया, इसकी स्थापना तत्कालीन नीति को धोखा देने के उद्देश्य से की गई थी जिसमें मौजूदा दूरसंचार ऑपरेटरों को यूएएस लाइसेंसों के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं थी। रिलायंस के अधिकारियों की भूमिका का ब्यौरा पेश करते हुए सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एडीएजी के समूह प्रबंध निदेशक गौतम दोषी ने सुरेन्द्र पियापारा और हरि नायर के साथ षडयंत्र के तहत स्वान टेलीकॉम, टाइगर ट्रेडर्स और अन्य होल्डिंग-निवेश कंपनियों के वित्त पोषण के ढांचे में सक्रिय भूमिका निभाई थी।