यह ख़बर 22 नवंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

तेल सब्सिडी बोझ अब ‘कमरतोड़ने’ लगा है : ओएनजीसी

कोलकाता:

तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने कहा है कि पेट्रोलियम सब्सिडी का बोझ अब कमरतोड़ साबित होने लगा है। इससे संकेत मिलता है कि तेल की खोज एवं उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए सब्सिडी का बोझ इस साल काफी बढ़ सकता है।

ओएनजीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुधीर वासुदेव ने सब्सिडी की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा, सब्सिडी का बोझ अब कमरतोड़ स्थिति में है। वे कह रहे हैं कि इस साल सब्सिडी का संयुक्त बोझ बढ़कर 1,40,000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।

भारतीय सनदी लेखा संस्थान (आईसीएआई) के सालाना सम्मेलन के मौके पर वासुदेव ने अलग से कहा, महत्वपूर्ण यह है कि सरकार इसमें से कितना बोझ लेने को तैयार है। यदि सरकार सारा बोझ हम पर डालती है, तो क्या होगा।

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वासुदेव ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ओएनजीसी सब्सिडी 23,400 करोड़ रुपये रही है। रुपये की कमजोरी तथा कच्चे तेल के बढ़ते दाम की वजह से पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ओएमसी) के लिए सब्सिडी चालू वित्त वर्ष में 1,40,000 करोड़ रुपये पर पहुंच सकती है। वित्त वर्ष की शुरुआत में इसके 80,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था।