खास बातें
- बंबई शेयर बाजार में तीन दिन से चली आ रही तेजी का सिलसिला शुक्रवार को थम गया तथा रुपये के गिरकर रिकार्ड निचले स्तर पर आने से सेंसेक्स 60 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
मुंबई: बंबई शेयर बाजार में तीन दिन से चली आ रही तेजी का सिलसिला शुक्रवार को थम गया तथा रुपये के गिरकर रिकार्ड निचले स्तर पर आने से सेंसेक्स 60 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच पूंजी के बाह्य प्रवाह से यहां धारणा कमजोर हुई। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा गुरुवार को सीमेंट कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाए जाने के बाद इनके शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज हुई।
पिछले तीन सत्रों में 326 अंक से अधिक चढ़ने वाला 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 60.05 अंक या 0.35 फीसद के नुकसान से 16,972.41 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 223 अंक नीचे आ गया था। इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 18.95 अंक या 0.37 फीसद की गिरावट के साथ 5,146.05 अंक रह गया। एक समय यह 5,094 अंक के निचले स्तर तक चला गया था।
रुपये के गिरकर पहली बार 57 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक उतरने के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। आर्थिक वृद्धि की चिंता में विदेशी कोषों ने जमकर बिकवाली की।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कीमतों के मामले में सांठगांठ करने को लेकर 11 सीमेंट कंपनियों पर कल 6,307 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इससे सीमेंट कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।
मूडीज द्वारा दुनिया के 15 बड़े बैंकों की रेटिंग घटाने से बाजार का ‘मूड’ और खराब हो गया। यूरो क्षेत्र ऋण संकट को लेकर चिंता बढ़ने से वैश्विक स्तर पर भी कमजोरी का रुख था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की कनाडाई भागीदार निक्को रिसोर्सेज के कम उत्पादन के अनुमान से कंपनी का शेयर 1.05 प्रतिशत के नुकसान के साथ 711.05 रुपये रह गया। इसी तरह सेंसेक्स में दूसरे सबसे ज्यादा भारांश रखने वाले शेयर इन्फोसिस में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2,475.10 रुपये का रह गया।