यह ख़बर 05 जनवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 197 अंक टूटा

खास बातें

  • रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच निवेशकों ने बैंकिंग, रीयल्टी, ऑटो और कैपिटल गुड्स शेयरों में जमकर मुनाफावसूली की।
Mumbai:

बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच निवेशकों द्वारा बिकवाली किए जाने से स्थानीय शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 197 अंक टूटकर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में 62 अंक टूटने वाला सेंसेक्स 197.62 अंक टूटकर 20,301.10 अंक पर बंद हुआ। इस तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 66.55 अंक की गिरावट के साथ 6,079.80 अंक पर बंद हुआ। पिछले साल 9 दिसंबर के बाद सेंसेक्स में यह सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले सेंसेक्स 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान 255 अंक तक टूट गया था। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से निवेशकों ने बैंकिंग, रीयल्टी, ऑटो और कैपिटल गुड्स शेयरों में मुनाफावसूली की। उधर, अन्य एशियाई बाजारों में कमजोर रुख और यूरोप में बाजार गिरावट के साथ खुलने से भी घरेलू बाजार में धारणा कमजोर हुई। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 24 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में मुनाफावसूली इस कदर हावी रही कि सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस भी इसके शिकार हुए। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि रिजर्व बैंक अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। यद्यपि इस पहल से मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन इससे वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है। बिकवाली का सबसे अधिक झटका बैंकिंग शेयरों को लगा। इनमें एचडीएफसी 2.75 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 3.08 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। रीयल्टी शेयरों में डीएलएफ 3.28 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ, जबकि रिलायंस इंफ्रा में 2.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा वाहन कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव रहा। ऑटो शेयरों में बजाज ऑटो 3.69 प्रतिशत, जबकि हीरो होंडा 3.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बजाज ऑटो में तीसरे दिन गिरावट जारी रही, क्योंकि उसकी बिक्री के आंकड़े बाजार के अनुमान से कमजोर रहे। बाजार में कमजोर रुख के बावजूद हिंदुस्तान युनिलीवर 1.43 प्रतिशत और आईटीसी 1.38 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुआ।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com