ग्रीस संकट से निपटने के लिए अभी कोई ठोस योजना नहीं : भारत सरकार | 6 जुलाई तक ग्रीस के बैंक बंद

ग्रीस संकट से निपटने के लिए अभी कोई ठोस योजना नहीं : भारत सरकार | 6 जुलाई तक ग्रीस के बैंक बंद

ग्रीस के एक एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइन

नई दिल्ली:

वित्त सचिव राजीव महर्षि ने कहा है कि ग्रीस के आर्थिक संकट के चलते भारत से पूंजी निकासी जोर पकड़ सकती है और सरकार स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व बैंक के साथ विचार-विमर्श कर रही है।

उन्होंने कहा कि यूनान के हालात का भारत पर सीधा असर नहीं होगा, हालांकि यूरोप के जरिये पूंजी प्रवाह और निकासी पर इसका असर पड़ सकता है।

महर्षि ने संवाददाताओं से कहा, यूनान संकट का भारत पर कोई सीधा असर नहीं होगा। यूरोप में ब्याज दर बढ़ सकती है। यूरोप में ब्याज दर में बढ़ोतरी की स्थिति में भारत से पूंजी निकासी जोर पकड़ सकती है। उन्होंने कहा कि हालात बदल रहे हैं। अभी कोई ठोस योजना नहीं है, जिस पर अमल किया जाए। इस संकट से यूरो पर असर पड़ने की वजह से भारत पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, जितना असर यूरो पर होगा उतना ही अप्रत्यक्ष असर भारत पर होगा। यदि यूरो बांड पर मुनाफा बढ़ता है तो इसका भारत में निवेश और निकासी दोनों पर असर होगा। महर्षि ने कहा कि कोई इसकी भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि हालात कैसे होंगे।

उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर हम आरबीआई के संपर्क में हैं, लेकिन उन्हें करना है, वो करेंगे। यह पूछने पर कि क्या किसी भारतीय कंपनी का यूनान में कारेाबार है, उन्होंने कहा, मुझे पता नहीं। महर्षि ने कहा, यदि अमेरिका में सरकारी प्रतिभूति पर मुनाफा बढ़ता है, तो इसका भारत में निवेश और निकासी पर असर हो सकता है। हमें यह नहीं पता कि विदेशी निवेशक अपना निवेश कहां ले जाएंगे।

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यूनान ने पूंजी पर नियंत्रण लागू कर दिया और कम से कम 6 जुलाई तक के लिए बैंक बंद कर दिए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास ने यूरोपीय कर्जदाता देशों के प्रस्तावित राहत पैकेज पर 6 जुलाई को जनमत संग्रह का ऐलान किया है।