धूम्रपान से अर्थव्यवस्था को 1,04,500 करोड़ रुपये का नुकसान : डब्ल्यूएचओ

धूम्रपान से अर्थव्यवस्था को 1,04,500 करोड़ रुपये का नुकसान : डब्ल्यूएचओ

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुंबई:

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि तंबाकू जनित बीमारियों से देश में सालाना 1,04,500 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। लागत प्रभावी तरीके से तंबाकू के उपभोग पर नियंत्रण के लिए संगठन ने बड़े आकार में चेतावनी प्रदर्शित करने का पक्ष लिया है।

नई दिल्ली में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि हेंक बेकेडम ने एक बयान में कहा, ‘‘तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के चलते अर्थव्यवस्था को 1,04,500 करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जबकि करीब 10 लाख मौतें होती हैं।’’ तंबाकू उत्पादों के पैकटों पर बड़े आकार में स्वास्थ्य चेतावनी देने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों से पता चला है कि यह तंबाकू के इस्तेमाल से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का एक लागत प्रभावी उपाय है।

इसके अलावा, उन्होंने तंबाकू उत्पादों विशेषकर बीड़ी और धुंआरहित तंबाकू पर चेतावनी का आकार घटाने को लेकर चल रही बहस को ‘चिंताजनक’ करार दिया। उच्चतम न्यायालय तंबाकू उत्पादों के पैकों पर बड़े आकार में चेतावनी के आदेश पर कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा है।

तंबाकू और सिगरेट पैकेटों पर स्वास्थ्य चेतावनी प्रकाशित करने के मामले में 198 देशों में भारत का स्थान 136वां है। सिगरेट पैकेट स्वास्थ्य चेतावनी 2014 की अंतरराष्ट्रीय स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इनमें 143वें स्थान से नीचे जिन देशों का नाम हैं वह तस्वीर में स्वास्थ्य चेतावनी प्रकाशित नहीं करतीं हैं।

 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)