शेयर बाजार सपाट नोट के साथ खुले, सेंसेक्स में मामूली तेजी, निफ्टी कुछ अंक नीचे

बाजार खुलने के बाद सेंसेक्स करीब 19 अंक तेजी के साथ 60683 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी 6 अंकों की गिरावट के साथ 17865 पर कारोबार कर रहा है.

शेयर बाजार सपाट नोट के साथ खुले, सेंसेक्स में मामूली तेजी, निफ्टी कुछ अंक नीचे

शेयर बाजार सपाट खुले.

मुंबई:

शेयर बाजार में गुरुवार को सपाट शुरुआत देखने के मिल रही है. बाजार खुलने के बाद सेंसेक्स करीब 19 अंक तेजी के साथ 60683 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी 6 अंकों की गिरावट के साथ 17865 पर कारोबार कर रहा है. बुधवार को नीतिगत रेपो दर में वृद्धि की रफ्तार नरम होने से घरेलू शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय एवं पेट्रोलियम शेयरों में खरीदारी से दोनों प्रमुख सूचकांक आधा प्रतिशत से अधिक की बढ़त पर बंद हुए थे.

आज के बाजार में अडाणी ग्रुप के शेयरों दो दिन की तेजी पर ब्रेक लगा है. केवल एडब्लूएल को छोड़कर बाकी शेयर लाल निशान में काराबोर कर रहे हैं. बता दें कि बुधवार को अडाणी समूह की अधिकांश कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई थी. समूह को बैंकों की तरफ से दिए गए कर्ज को लेकर रेटिंग एजेंसियों की तरफ से आए सकारात्मक बयानों से इनके शेयरों को मजबूती मिली थी. समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 19.76 प्रतिशत चढ़ गया था.

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 377.75 अंक यानी 0.63 प्रतिशत चढ़कर 60,663.79 अंक पर बंद हुआ था. इसके साथ ही सेंसेक्स में पिछले दो दिन से जारी गिरावट थम गई है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी 150.20 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,871.70 अंक पर बंद हुआ. इस तेजी के पीछे अडाणी एंटरप्राइजेज, अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड और एचडीएफसी लाइफ के शेयरों की बड़ी भूमिका रही थी.

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से बजाज फाइनेंस ने सर्वाधिक 3.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी. अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, टाइटन और मारुति सुजुकी के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए थे.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

दूसरी तरफ, एलएंडटी को 1.62 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा था. भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में भी गिरावट रही थी.रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है जिसके बाद यह बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो गई है. इसके अलावा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के अनुमान को भी 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया गया है.