खास बातें
- शेयर बाजारों ने शेयरों के मूल्य तथा कारोबारी आकार में असामान्य उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी निगरानी को बढ़ाने का फैसला किया है।
नई दिल्ली: सूचीबद्ध कंपनियों की शेयर कीमतों या कारोबार आकार में अगर किसी तरह का अप्रत्याशित उछाल आता है तो उन्हें इसका कारण शेयर बाजारों को देना होगा जिसे निवेशकों की जानकारी के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बाजार नियामक सेबी के साथ परामर्श से शेयर बाजारों ने शेयरों के मूल्य तथा कारोबारी आकार में असामान्य उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी निगरानी को बढ़ाने का फैसला किया है। फिलहाल दो प्रमुख शेयर बाजार, एनएसई तथा बीएसई, सूचीबद्ध कंपनियों से कीमत से जुड़ी सूचनाओं पर आधारित उन रिपोर्टों के बारे में मिले जवाब को सार्वजनिक करते हैं, जिसके बारे में शेयर बाजारों तथा नियामक को पहले सूचित नहीं किया गया। शेयर बाजार अब इस तरह की प्रकाशित या अप्रकाशित रिपोर्ट नहीं होने पर भी शेयरों की कीमतों तथा कारोबार के आकार में असामान्य उछाल पर कंपनियों के स्पष्टीकरण को सार्वजनिक करेंगे। अगर कंपनियों का स्पष्टीकरण किसी समाचार रिपोर्ट के बारे में होगा तो शेयर बाजार उनके जवाब को बेवसाइट पर छापेंगे ताकि निवेशकों को लाभ हो। इस तरह के कदम का उद्देश्य कतिपय कंपनियों द्वारा शेयर कीमतों में गड़बड़ी के लिए प्रकाशित या अप्रकाशित रूप से ऐसी सूचनाएं फैलाने पर रोक लगाना है जो कीमतों के लिहाज से संवेदनशील होती हैं।