यह ख़बर 09 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

विदेशी संस्थानों की लिवाली से सेंसेक्स 358 अंक चढ़ा

खास बातें

  • बंबई शेयर बाजार में तीन कारोबारी सत्रों से चले आ रहे गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लगा और सेंसेक्स 357.72 अंक या 2.09 प्रतिशत की छलांग लगाकर 17,503.24 अंक पर पहुंच गया।
मुंबई:

बंबई शेयर बाजार में तीन कारोबारी सत्रों से चले आ रहे गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लगा और सेंसेक्स 357.72 अंक या 2.09 प्रतिशत की छलांग लगाकर 17,503.24 अंक पर पहुंच गया।

यूनान के ऋण संकट के हल होने की उम्मीद और चीन में महंगाई की दर पिछले 18 माह में सबसे कम रहने के बीच मजबूत वैश्विक संकेतों से विदेशी संस्थागत निवेशकों ने निचले स्तर पर जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती मिली।

पिछले तीन सप्ताह में यह एक दिन में सेंसेक्स में सबसे बड़ी बढ़त है। 15 फरवरी के बाद सेंसेक्स में एक दिन में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज हुई।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 113.10 अंक या 2.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,333.55 अंक पर पहुंच गया।

बाजार में लिवाली का जोर इतना अधिक था कि 13 में से 12 वर्गों के सूचकांक बढ़त में रहे, वहीं सेंसेक्स की 30 में से 23 कंपनियों के शेयर लाभ में रहे। धातु, पूंजीगत सामान, बैंकेक्स, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, रीयल्टी, वाहन और पीएसयू वर्ग के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज हुई।

सेंसेक्स की बढ़त में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, जिंदल स्टील, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टीसीएस, स्टरलाइट और हिंडाल्को ने करीब 325 अंक का योगदान दिया।

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यूनान के दूसरे सरकारी बांड को समर्थन की खबरों से वैश्विक बाजारों में तेजी का रुख था। इसके अलावा चीन की महंगाई दर सालाना आधार पर फरवरी में 3.2 प्रतिशत पर आ गई है। यह जून, 2010 के बाद यह महंगाई की सबसे कम दर है।