यह ख़बर 20 सितंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

आरबीआई की सख्ती से सेंसेक्स 383 अंक लुढ़का

खास बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मौद्रिक नीति में सख्ती करने से देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई।
मुंबई:

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मौद्रिक नीति में सख्ती करने से देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 382.93 अंकों की गिरावट के साथ 20,263.71 पर और निफ्टी 103.45 अंकों की गिरावट के साथ 6,012.10 पर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 30.29 अंकों की गिरावट के साथ 20,616.35 पर खुला और 382.93 अंकों या 1.85 फीसदी गिरावट के साथ 20,263.71 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,677.99 के ऊपरी और 20,051.43 के निचले स्तर को छुआ।

सेंसेक्स के 30 में से आठ शेयरों में तेजी रही। गेल इंडिया (3.51 फीसदी), सन फार्मा (1.54 फीसदी), कोल इंडिया (1.26 फीसदी), भेल (1.12 फीसदी) और विप्रो (0.83 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे आईसीआईसीआई बैंक (4.78 फीसदी), एलएंडटी (4.63 फीसदी), सेसा गोवा (3.93 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.80 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (3.63 फीसदी)।

आरबीआई ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए शुक्रवार को रेपो दर को 0.25 फीसदी बढ़ाकर 7.5 फीसदी कर दिया। रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर को भी 6.25 फीसदी से बढ़ा कर 6.5 फीसदी कर दिया गया। रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है, जो आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधिक जमा पर देता है।

रेपो दर और रिवर्स रेपो दर के आधार पर वाणिज्यिक बैंक उपभोक्ताओं के लिए दर तय करते हैं। इनके बढ़ने से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण पर लगने वाली ब्याज दरें बढ़ जाएंगी और विकास दर पर बुरा असर पड़ेगा, जो पहले से ही कम है।

नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।

आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया। रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।

आरबीआई के कदम पर बाजार ने निराशा जताई। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.00 अंकों की गिरावट के साथ 6,104.55 पर खुला और 103.45 अंकों या 1.69 फीसदी गिरावट के साथ 6,012.10 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,130.95 के ऊपरी और 5,932.85 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 47.61 अंकों की गिरावट के साथ 5,677.24 पर और स्मॉलकैप 55.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,485.30 पर बंद हुआ।

बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों -उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी), बिजली (0.28 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.13 फीसदी)- में तेजी देखी गई।

गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (6.53 फीसदी), बैंकिंग (4.18 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.04 फीसदी), वाहन (1.58 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (1.45 फीसदी)।

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बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 937 शेयरों में तेजी और 1399 में गिरावट रही, जबकि 116 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।