नई दिल्ली: बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ( सेबी ) ने ध्यान फिनस्टॉक लिमिटेड के शेयरों में घालमेल के एक मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण 34 निकायों पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है. सेबी ने एक आदेश में कहा कि इन निकायों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं अनुचित कारोबारी गतिविधि रोकथाम के प्रावधान का उल्लंघन करने का मामला नहीं पाया गया है. सेबी ने शेयरों के भाव में तथा सौदे के आकार में अचानक वृद्धि के कारण जून 2014 से जुलाई 2015 के बीच हुए ध्यान फिनस्टॉक के शेयरों के सारे सौदे की जांच की थी.
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जांच में पाया गया था कि प्रवर्तकों , निदेशकों , सौदे से बाहर आने की सेवा मुहैया कराने वालों , तरजीही आवंटक और प्रवर्तकों से संबंधित निकायों ने कृत्रिम तरीके से शेयरों का भाव और सौदे का आकार बढ़ाया था. उन्होंने अवैध फायदे के लिए तथा गलत तरीके से की गई कमाई को बाजार से हुई कमाई बताने के लिए प्रतिभूति बाजार तंत्र का दुरुपयोग किया था.
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इसके आधार पर सेबी ने जून 2016 के अंतरिम आदेश में ध्यान फिनस्टॉक, इसके प्रवर्तकों और निदेशकों समेत 76 निकायों को अगले निर्देश तक पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था. हालांकि बाद में एक निकाय के खिलाफ प्रतिबंध वापस ले लिया गया था. बहरहाल अगस्त 2016 और मई 2017 के बीच कई आदेशों के जरिये 75 निकायों पर प्रतिबंध जारी था. (इनपुट भाषा )