यह ख़बर 08 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सीआरआर घटने पर स्टेट बैंक कम करेगा ब्याज दर

खास बातें

  • देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने शनिवार को कहा कि अगर रिजर्व बैंक इस महीने जारी होने वाली सालाना मौद्रिक नीति में नकद आरक्षित अनुपात में कटौती करता है तो वह ब्याज दर में कमी करेगा।
मुंबई:

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने शनिवार को कहा कि अगर रिजर्व बैंक इस महीने जारी होने वाली सालाना मौद्रिक नीति में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती करता है तो वह ब्याज दर में कमी करेगा।

यहां छठे अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग एवं वित्त सम्मेलन में अलग से बातचीत में स्टेट बैंक के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक सालाना मौद्रिक नीति में सीआरआर में 0.75 प्रतिशत तक कटौती कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो हम निश्चित रूप से लाभ ग्राहकों को देंगे।’’ ऐसा माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक 17 अप्रैल को जारी होने वाली सालाना मौद्रिक नीति में नकद आरक्षित अनुपात में कटौती कर सकता है।

सीआरआर के तहत बैंकों को अपनी कुल जमा का एक निश्चित प्रतिशत रिजर्व बैंक के पास नकदी के रूप में रखना पड़ता है। फिलहाल सीआरआर 4.75 प्रतिशत है। हालांकि, चौधरी ने संकेत दिया कि बैंक की आधार दर में शायद कटौती नहीं हो।

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उन्होंने कहा, ‘‘आधार दर लागत से जुड़ी है। यह जमा पर आने वाली औसत लागत तथा अन्य लेन-देन की लागत से जुड़ी है। इसीलिए आधार दर में बदलाव थोड़ा कठिन है। हालांकि, हम कुछ खंडों में मार्जिन घटाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष की समाप्ति पर बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन :एनआईएम: 3.85 प्रतिशत रहने का अनुमान है।