यह ख़बर 10 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एस एण्ड पी ने स्टेट बैंक और यूबीआई की रेटिंग घटाई

खास बातें

  • वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टेण्डर्ड एण्ड पूअर्स ने परिसंपत्तियों की गुणवत्ता कमजोर पड़ने की आशंका में सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की ऋण साख घटा दी है।
नई दिल्ली:

वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टेण्डर्ड एण्ड पूअर्स (एस एण्ड पी) ने परिसंपत्तियों की गुणवत्ता कमजोर पड़ने की आशंका में सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की ऋण साख घटा दी है।

एस एण्ड पी ने एक वक्तव्य में कहा है ‘‘हम स्टेट बैंक की परिसंपत्तियों के कमजोर गुणवत्ता प्रदर्शन की आशंका के चलते उसकी ऋण साख का पुनर्निधारण कर उसे ‘बीबीबी’ से बदलकर ‘बीबीबी-माइनस’ और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की रेटिंग ‘बीबीबी-माइनस’ से बदलकर ‘बीबी-प्लस’ करते हैं।

बाजार व्यावसायियों के अनुसार ‘बीबीबी-माइनस’ रेटिंग को निवेश के लिहाज से सबसे निम्नतम रेटिंग माना जाता है जबकि ‘बीबी-प्लस’ को सबसे अस्थिर ग्रेड माना जाता है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि उसने स्टेट बैंक और यूबीआई की ऋण साख में इसलिए परिवर्तन किया है क्योंकि उसे लगता है कि बैंक ने जिन क्षेत्रों को कर्ज दिया है उनसे वसूली में समस्यायें खड़ी हो सकती है, इससे उनकी परिसंपत्ति की गुणवत्ता कमजोर रहेगी और ऋण लागत ऊंची बनी रहेगी।

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एजेंसी का मानना है कि स्टेट बैंक और यूबीआई की कर्ज परिसंपत्तियों की स्थिति वित्त वर्ष 2012-13 और 2013-14 में लगातार दबाव में बनी रहेगी।