यह ख़बर 05 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

तेल मंत्रालय सम्भालने वाले को होना पड़ेगा निराश : जयपाल

खास बातें

  • केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से स्थानांतरित किए जाने पर नाराजगी जताई। कथित तौर पर यह स्थानांतरण कम्पनी जगत के दबाव में किया गया था।
नई दिल्ली:

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से स्थानांतरित किए जाने पर नाराजगी जताई। कथित तौर पर यह स्थानांतरण कम्पनी जगत के दबाव में किया गया था।

रेड्डी ने अंतरराष्ट्रीय जैविक ऊर्जा सम्मेलन में कहा, "मैंने तेल मंत्रालय सम्भाला है और जो कोई भी यह मंत्रालय सम्भालेगा, निराश होगा।"

तेल मंत्रालय में अपने उत्तराधिकारी एम. वीरप्पा मोइली को लगभग सावधान करते हुए रेड्डी ने कहा कि जो भी तेल मंत्रालय सम्भालेगा, पूरी तरह निराश होगा, क्योंकि कोई यह नहीं जानता कि तेल की कीमत क्यों बढ़ती है, जबकि मांग और पूर्ति में कोई अंतर भी नहीं होता है। उन्होंने कहा, "भारत अपनी जरूरत के 75 फीसदी तेल का आयात करता है और भगवान भी नहीं बता सकता कि तेल की कीमत कौन बढ़ा रहा है, जबकि मांग और पूर्ति में कोई फासला नहीं है। यह एक रहस्य है।"

रेड्डी को तेल मंत्रालय से बाहर करने के लिए विपक्ष ने प्रधानमंत्री की आलोचना की है और कहा है कि उद्योग जगत के हित की रक्षा के लिए ऐसा किया गया है।

भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठा रहे अरविंद केजरीवाल ने कहा रेड्डी जैसे ईमानदार मंत्री को रिलायंस इंडस्ट्री का विरोध करने के लिए अपने काम से हाथ धोना पड़ा।

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रेड्डी ने हालांकि पहले कहा है कि उनका मंत्रालय बदलने से पहले प्रधानमंत्री ने उनसे सहमति ले ली थी।