यह ख़बर 24 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

रूस में ओएनजीसी की परियोजना को कर रियायतें खारिज

खास बातें

  • रूस ने सार्वजनिक क्षेत्र के तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की कंपनी इंपीरियल एनर्जी को विशेष कर रियायतें देने से इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली:

रूस ने सार्वजनिक क्षेत्र के तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की कंपनी इंपीरियल एनर्जी को विशेष कर रियायतें देने से इनकार कर दिया है।

इंपीरियल की परियोजना साइबेरिया क्षेत्र में है और रूस ने यह फैसला ऐसे समय में किया है जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आए हैं।

भारत इंपीरियल एनर्जी के लिए कर रियायतों की मांग कर रहा था ताकि खराब मौसम तथा भारी करों से जूझने में सरकार को मदद मिल सके।

जानकार सूत्रों ने कहा कि भारत को उम्मीद थी कि इंपीरियल एनर्जी द्वारा उत्पादित तेल पर ऊंचे करों के मामले को पुतिन की यात्रा से पहले निपटा लिया जाएगा। पुतिन 13वीं सालाना द्विपक्षीय शिखर बैठक में भाग लेने के लिए सोमवार को यहां आ रहे हैं।

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ओएनजीसी की विदेश शाखा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने 2009 में इंपीरियल एनर्जी को 2.1 अरब डॉलर में खरीदा था। कंपनी का कहना है कि ऊंचे करों का मतलब यह है कि उसे प्रति बैरल केवल 19-20 डॉलर की आय होगी जबकि इस समय कच्चेतेल का भाव 90-100 डॉलर प्रति बैरल है। सूत्रों के अनुसार रूस इंपीरियल एनर्जी से कोई विशेष व्यवहार नहीं करेगा।