Rupee At New Low: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रुपये ने 26 बार देखा रिकॉर्ड निचला स्तर, 80/डॉलर का आंकड़ा दूर नहीं

विश्लेषकों का मानना है कि रुपया 80 डॉलर आंकड़े के करीब पहुंच रहा है. ऊपर से यूएस में महंगाई के आंकड़ों से रुपये पर और दबाव पड़ा है. आशंका है कि फेडरल रिजर्व बैंक बेंचमार्क रेट में 75 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी कर सकता है, ऐसे में रुपया और गिर सकता है.

Rupee At New Low: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रुपये ने 26 बार देखा रिकॉर्ड निचला स्तर, 80/डॉलर का आंकड़ा दूर नहीं

Rupee at Record Low: 80 डॉलर छूने के करीब रुपया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

भारतीय करेंसी रुपया ऐतिहासिक गिरावट देख रहा है. पिछले कुछ दिनों में यह लगभग हर रोज नए निचले स्तर को छू रहा है. बुधवार को रुपये ने 79.81 रुपये प्रति डॉलर के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था. गुरुवार के कारोबार में रुपये ने ओपनिंग में हल्की तेजी दर्ज की, लेकिन इतना निश्चित माना जा रहा है कि रुपये का जो रुख है, उस हिसाब से यह 80 डॉलर के आंकड़े के ऊपर जाकर ही रहेगा क्योंकि अगर रुपये के बिहेव को देखें तो इस साल की शुरुआत के बाद से रुपये में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. साल 2022 के शुरुआत में रुपया 74 डॉलर के बराबर था और अब छह महीनों से कुछ ज्यादा वक्त में ही यह 80 डॉलर के करीब पहुंच गया है.

NASDAQ के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रुपया 26 बार नया निचला स्तर छू चुका है, जिसमें से अकेले इसी महीने रुपये ने पांच बार नया रिकॉर्ड लो देखा है. फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद रुपया मार्च में पहली बार 77 डॉलर के पार गया था, और उसके बाद से यह लगातार नीचे ही आया है.

अभी पिछले दो दिनों तक यह महज आशंका थी कि रुपया सच में 80 डॉलर क्रॉस कर जाएगा, ऐसा नहीं भी होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब इसे लगभग हुआ ही माना जा रहा है.

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 7 पैसे चढ़कर 79.74 पर खुला था. घरेलू शेयर बाजार में तेजी से रुपये को बल मिला. हालांकि कारोबारियों ने कहा कि विदेशों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के कारण रुपये की बढ़त सीमित रही. शुरुआती सौदों में रुपया 79.71 से 79.74 के सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था.

यह भी पढ़ें: रुपया फिर गोता लगाकर 80 के करीब पहुंचा, जानें कच्चे तेल में नरमी के बावजूद क्यों हैं गिरावट

पिछले सत्र में, बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79.81 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था. इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 108.30 पर आ गया.

और गिरेगा रुपया?

विश्लेषकों का मानना है कि रुपया 80 डॉलर आंकड़े के करीब पहुंच रहा है. ऊपर से यूएस में 40 साल में सबसे ऊंचाई पर पहुंचे महंगाई के आंकड़ों से रुपये पर और दबाव पड़ा है. आशंका है कि फेडरल रिजर्व बैंक बेंचमार्क रेट में 75 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी कर सकता है, ऐसे में रुपया और गिर सकता है. इससे विदेशी निवेशक बाजार से निकल सकते हैं, वैसे भी भारत ने इस साल अब तक रिकॉर्ड स्तर तक एफपीआई में गिरावट देखी है.

अब असल डर यह है कि जब रुपया 80 डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगा, तब इसमें और तेज गिरावट आएगी क्योंकि किसी साइकोलॉजिकल बैरियर के टूट जाने के बाद आमतौर पर गिरावट का रुख तेज़ हो जाता है, जैसा रुपये के 77 प्रति डॉलर का बैरियर पार करने पर भी देखा गया था. एक्सचेंज रेट 77 के बाद 78 और फिर 79 तक काफी जल्दी पहुंचा है और अब 80 डॉलर के मुहाने पर खड़ा है. यह ऐसा मूवमेंट है, जिसकी साल 2022 में किसी को उम्मीद नहीं थी, उस वक्त करेंसी 74 डॉलर पर थी.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

Video : निवेश की सोच रहे हैं तो आपके लिए है ये टिप्‍स