यह ख़बर 08 अक्टूबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

विधानसभा चुनावों के बाद ढाई रुपये घट सकते हैं डीजल के दाम

नई दिल्ली:

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के बाद डीजल के दाम में 2.50 रुपये और पेट्रोल के दाम में करीब एक रुपये लीटर की कटौती हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इस समय 27 माह के निम्न स्तर पर हैं।

सूत्रों के मुताबिक इन दोनों राज्यों में 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने के बाद डीजल और पेट्रोल के दाम घट सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल का दाम बुधवार को 1.35 डॉलर घटकर 90.76 डॉलर प्रति बैरल रह गया। जून, 2012 के बाद यह इसका सबसे न्यूनतम स्तर है। इस साल अब तक कच्चे तेल के दाम 18 प्रतिशत घट चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार डीजल के दाम में होने वाली कटौती इस ईंधन पर सितंबर के दूसरे पखवाड़े में औसतन 1.90 रुपये प्रति लीटर के फायदे को देखते हुए होगी। सरकार ने डीजल बिक्री पर होने वाले नुकसान को समाप्त करने के लिए इसके दाम हर महीने 40 से 50 पैसे लीटर बढ़ाने का फैसला किया था।

पिछले महीने यह नुकसान समाप्त हो गया और मौजूदा दाम पर यह लागत से 1.90 रुपये लीटर ऊपर पहुंच चुका है, लेकिन सरकार ने चुनाव आचार संहिता के चलते दाम कम नहीं किए। पेट्रोल का दाम जून, 2010 से सरकारी नियंत्रण से मुक्त है। तब से इसका दाम अंतरराष्ट्रीय मूल्य के अनुरूप हर पखवाड़े लागत के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है।

पेट्रोल के दाम में आखिरी बार 1 अक्टूबर को 54 पैसे की कटौती की गई। डीजल के दाम में इस समय फायदा होने के बावजूद अभी तक सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति ने 17 जनवरी, 2013 को डीजल बिक्री में नुकसान को समाप्त करने के लिए फैसला किया गया था, तब दाम लागत के मुकाबले अधिक होने के बारे में कल्पना नहीं की गई थी।

डीजल के दाम 16 सितंबर की स्थिति के अनुसार उसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार की लागत से 35 पैसे लीटर ऊपर थे। 1 अक्टूबर को यह लाभ 1.90 रुपये था और आगे यह 2.50 रुपये लीटर तक पहुंच सकता है।


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