खास बातें
- सरकार ने आज पहली बार देशव्यापी खुदरा मूल्य सूचकांक के आधार पर मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 7.65 प्रतिशत रही।
नई दिल्ली: सरकार ने आज पहली बार देशव्यापी खुदरा मूल्य सूचकांक के आधार पर मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 7.65 प्रतिशत रही।
जनवरी में जहां खाद्य एवं पेय पदार्थों की औसत कीमत पिछले वर्ष जनवरी की तुलना में 4.11 प्रतिशत बढ़ी वहीं ईंधन और लाइट एवं कपड़ा तथा जूता-चप्पल खंड में मुद्रास्फीति दोहरे अंक में रही। कुल मिलाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति क्रमश: 7.38 प्रतिशत तथा 8.25 प्रतिशत रही।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीकांत जेना ने कहा, ‘‘मंत्रालयों तथा विभिन्न तबकों की व्यापक उपभोक्ता मुद्रास्फीति की दर जारी करने की लम्बे समय से मांग थी। इस मांग को पूरा करने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के तहत सालाना आधार पर जनवरी 2012 का मुद्रास्फीति आंकड़ा जारी किया गया है।’’ अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रम मंत्रालय द्वारा तैयार तीन सूचकांकों..कृषि श्रमिकों, ग्रामीण श्रमिकों तथा औद्योगिक कर्मचारियों.. के अतिरिक्त होगा। नया सीपीआई सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) तैयार किया जा रहा है और अंतत: यह मानक मुद्रास्फीति के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) का स्थान लेगा।
सब्जियों की कीमत जनवरी महीने में पिछले वर्ष के इसी माह के मुकाबले 24 प्रतिशत कम रही। हालांकि अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमत में तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस वर्ग की मुद्रास्फीति क्रमश: 4.18 प्रतिशत तथा 3.98 प्रतिशत रही। आलोच्य महीने में दूध एवं दूध उत्पादों के दाम सालाना आधार पर 16.53 प्रतिशत महंगे हुए जबकि तेल एवं वसा की कीमतें 13.47 प्रतिशत ऊंची रहीं। इसी दौरान मसाले एवं फल की कीमत में जनवरी महीने के दौरान 10.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अंडा, मांस तथा मछली जनवरी महीने में 10.45 प्रतिशत महंगी हुई जबकि अनाज तथा दाल के भाव में क्रमश: 2.69 प्रतिशत तथा 5.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। आलोच्य महीने में चीनी सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत महंगी हुई। ईंधन एवं लाइट खंड में मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 13.13 प्रतिशत रही। अखिल भारतीय स्तर पर कपड़ा, बेडिंग तथा जूता-चप्पल क्षेत्र में महंगाई दर आलोच्य महीने में 14.25 प्रतिशत दर्ज की गयी। बहरहाल, सरकार ने आवास और विविध जिंसों की खुदरा मुद्रास्फीति जारी नहीं की है।
मंत्रालय ने जनवरी 2011 से देशव्यापी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। उस समय मुद्रास्फीति के आंकड़े नहीं दिए गए थे। यह पहला मौका है जब सरकार ने ग्रामीण, शहरी तथा अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा मूल्यों की मुद्रास्फीति जारी की है।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी।