साइरस मिस्त्री के टाटा सन्स पर मुकदमा करने की ख़बरें आधारहीन : शापूरजी पैलोनजी ग्रुप

साइरस मिस्त्री के टाटा सन्स पर मुकदमा करने की ख़बरें आधारहीन : शापूरजी पैलोनजी ग्रुप

'इस वक्त' मीडिया की इन ख़बरों में कोई आधार नहीं है कि टाटा सन्स के चेयरमैन के पद से अचानक हटा दिए जाने की वजह से साइरस मिस्त्री उन्हें अदालत में ले जाने पर विचार कर रहे हैं. यह बात शापूरजी पैलोनजी ग्रुप ने कही है.

साइरस मिस्त्री के परिवार के स्वामित्व वाले शापूरजी पैलोनजी ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, "न शापूरजी पैलोनजी ग्रुप ने कोई बयान दिया है, न साइरस मिस्त्री ने... अभी परिस्थितियों का अध्ययन किया जा रहा है, सो, इस समय मुकदमा किए जाने के बारे में मीडिया में आ रही ख़बरें आधारहीन हैं... जब भी सार्वजनिक रूप से बयान जारी करना ज़रूरी होगा, जारी कर दिया जाएगा..."

टाटा सन्स की लगभग 18 फीसदी हिस्सेदारी पर शापूरजी पैलोनजी ग्रुप का मालिकाना हक है, और साइरस मिस्त्री टाटा सन्स के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) के सदस्य बने रहेंगे.

सूत्रों ने NDTV को बताया है कि सोमवार को बोर्ड बैठक के दौरान साइरस मिस्त्री ने उन्हें हटाए जाने को गैरकानूनी बताया था, और कहा था कि टाटा ग्रुप की नियमावली के हिसाब से उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया जाना चाहिए था.

इसके बाद बोर्ड ने साइरस मिस्त्री को बताया कि इस मसले पर हासिल की गई 'कानूनी सलाह' भी उन्हें हटाए जाने के पक्ष में है. बताया जाता है कि इस पर साइरस मिस्त्री ने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही. नौ-सदस्यीय बोर्ड में से छह सदस्यों ने साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया, दो सदस्य गैरहाज़िर रहे, और नवें सदस्य के रूप में साइरस मिस्त्री ने इस प्रक्रिया का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया.

साइरस मिस्त्री को हटाए जाने से बाज़ारों तथा कॉरपोरेट जगत को झटका लगा है, और मंगलवार को टाटा के अधिकतर शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.

जब तक ग्रुप के लिए नया चेयरमैन नहीं तलाश किया जाता, तब तक के लिए रतन टाटा ने अंतरिम प्रभार संभाल लिया है. सोमवार को ही कर्मचारियों को लिखे खत में रतन टाटा ने कहा, "टाटा ग्रुप को आश्वस्त करने तथा स्थायित्व के हितों के लिए वह चेयरमैन के रूप में वापस आए हैं..."

मंगलवार को रतन टाटा ने मुंबई में ग्रुप के बॉम्बे हाउस ऑफिस में समूह की कंपनियों के शीर्ष सीईओ से मुलाकात की, और आश्वासन दिया कि ग्रुप के दीर्घकालिक हितों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा रतन टाटा ने ग्रुप में शीर्ष स्तर पर हुए बदलावों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खत लिखा है.


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