खास बातें
- कनाडा की एक बाजार एवं वित्तीय अनुसंधान कंपनी द्वारा रिलायंस कम्यूनिकेशंस के लेखे जोखे और प्रशासन पर सवाल उठाने के बाद कंपनी का शेयर मंगलवार को बुरी तरह फिसला।
नई दिल्ली: कनाडा की एक बाजार एवं वित्तीय अनुसंधान कंपनी द्वारा रिलायंस कम्यूनिकेशंस के लेखे जोखे और प्रशासन पर सवाल उठाने के बाद कंपनी का शेयर मंगलवार को बुरी तरह फिसला।
कंपनी ने इस रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि उसके बारे में ऐसी रिपोर्टें दुर्भावनापूर्ण हैं और कपट की मंशा से प्रचारित की जाती रही हैं।
कनाडा की कंपनी वेरिटास की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरकॉम की लेखा नीति ‘मनमानी’ है और कंपनी की संचालन और जोखिम प्रबंधन व्यवस्था में बड़ी कमियां हैं।
आरकॉम ने जवाब में कहा है कि वह लेखा नीति के मानदंडों, कामकाज तथा जोखिम प्रबंधन मानकों का पूरी तरह से पालन करती है और ‘‘वेरिटास की रिपोर्ट विश्वसनीय नहीं है और इसकी मंशा और रवैया दुर्भावनापूर्ण है।’’
आरकॉम के प्रवक्ता ने कहा कि वेरिटास की रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों की भरमार है और अनुसंधान रिपोर्ट की आड़ में निराधार आरोप गढे़ गए हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया में एक विश्लेषक की रिपोर्ट के तौर पर दी गई जानकारी से भी स्पष्ट है कि इरादा नापाक है।
आठ जून की रिपोर्ट मंगलवार को सुबह रहस्यात्मक रूप से ब्रोकरों और संस्थागत निवेशकों के टर्मिनल पर पहुंची जिससे बाजार में आरकॉम का शेयर करीब नौ फीसद तक टूट कर 60 रुपये के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। बाद में यह सुधरकर अपराह्न दो बजकर 30 मिनट पर 62.10 रुपये प्रति शेयर पर था जो सोमवार के बंद से 4.7 प्रतिशत नीचे था।
वेरिटास की रिपोर्ट में कहा गया कि आरकॉम के कारोबार के हिसाब से इसके शेयर का भाव 15 रुपये होना चाहिए। यह मौजूदा दाम से 77 प्रतिशत नीचे है।
अपनी प्रतिक्रिया में आरकॉम ने वेरिटास की पिछली गतिविधियों पर सवाल उठाया है जिसने पूरे रिलायंस समूह, किंगफिशर एयरलाईन्स और डीएलफ के खिलाफ भी बेहद नकारात्मक रिपोर्टें जारी की थीं।