खास बातें
- धोखाधड़ी का शिकार बनी सत्यम कंप्यूटर को एक सफल कारोबारी उपक्रम में तब्दील करने वाली महिंद्रा सत्यम का मानना है कि कंपनी के पूर्व प्रबंधन और ऑडिटरों को गड़बड़ियों की कीमत चुकानी चाहिए।
दावोस: धोखाधड़ी का शिकार बनी सत्यम कंप्यूटर को रविवार को एक सफल कारोबारी उपक्रम में तब्दील करने वाली महिंद्रा सत्यम का मानना है कि कंपनी के पूर्व प्रबंधन और ऑडिटरों को गड़बड़ियों की कीमत चुकानी चाहिए।
महिंद्रा सत्यम के चेयरमैन विनीत नैयर ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक के मौके पर कहा कि अपने पुराने ऑडिटरों तथा प्रवर्तकांे और प्रबंधन की धोखाधड़ी की वजह से सत्यम कंप्यूटर को भारी नुकसान हुआ था।
महिंद्रा सत्यम पांच दिन की डब्ल्यूईएफ बैठक की रणनीतिक भागीदार है। यह बैठक 25 जनवरी को शुरू हुई। सत्यम के पूर्व ऑडिटर पीडब्ल्यूसी तथा पुराने प्रवर्तकों से मुआवजा मांगे जाने के सवाल पर नैयर ने कहा, ‘हम उनको बताना चाहते हैं कि अब समय आ गया है कि उनकी गड़बड़ियों की वजह से हमें जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करें।’ उन्होंने कहा कि हमें भारी नुकसान हुआ है और हम उसे वापस चाहते हैं। किसी समय देश की प्रमुख आईटी कंपनी रही सत्यम कंप्यूटर अब तक के सबसे बड़ी कारपोरेट धोखाधड़ी का शिकार बनी। कंपनी के संस्थापक और मुखिया बी रामलिंग राजू ने ही तीन साल तक यह धोखाधड़ी की।
सरकार के हस्तक्षेप के बाद नीलामी के जरिये सत्यम कंप्यूटर को महिंद्रा समूह को बेच दिया गया। बाद में इसे नया नाम महिंद्रा सत्यम दिया गया। कंपनी के पूर्व प्रबंधन और प्रवर्तकों के अलावा आरोप पत्र में उसके ऑडिटरों को भी दोषी ठहराया गया है।
इस धोखाधड़ी के बारे में नैयर ने कहा कि पूर्व प्रबंधन ने कंपनी के खाते को बड़ा दिखाने के लिए बड़ी संख्या में फालतू भर्तियां कीं और अपनी आमदनी को बढ़ा चढ़ाकर दिखाया। नैयर ने कहा है कि ऐसा नहीं है कि कंपनी में छद्म कर्मचारी थे। वास्तव में कंपनी में बहुत ज्यादा कर्मचारी रखे गए थे। सत्यम कंप्यूटर के अधिग्रहण के बाद उसकी यात्रा के बारे में पूछे जाने पर नैयर ने कहा कि हमें कोई बहुत बड़ा आश्चर्य देखने को नहीं मिला।
उन्होंने कहा, ‘पहले साल हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना था कि कंपनी बची रहे। हमने फंड में बदलाव किया। फालतू कर्मचारियों को निकाला और उसके बाद अन्य चिंताओं को दूर किया।’ नैयर ने कहा कि दूसरे साल हमने कंपनी का आधार सुधारने का प्रयास किया। तीसरे साल हमने कंपनी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष कंपनी सफल रही और उसने प्रभावी तरीके से समस्याओं को दूर किया।