खास बातें
- बीमा नियामक इरडा ने कहा है कि 50,000 रुपये से अधिक बीमा प्रीमियम का नकद भुगतान करने के लिए पैन का ब्यौरा देना 1 नवंबर से अनिवार्य होगा।
New Delhi: बीमा नियामक इरडा ने कहा है कि 50,000 रुपये से अधिक बीमा प्रीमियम का नकद भुगतान करने के लिए पैन का ब्यौरा देना 1 नवंबर से अनिवार्य होगा। इस पहल से नियामक को धन के स्रोत का पता लगाने में मदद मिलेगी। इरडा ने एक सर्कुलर जारी कर कहा, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रीमियम का धन चिन्हित स्रोतों से आए, नकदी में 50,000 रुपये से अधिक प्रीमियम जमा करने की अनुमति देने का निर्णय किया गया है, बशर्ते उपभोक्ता अपने पैन का ब्यौरा उपलब्ध कराए। इस दिशानिर्देश का लक्ष्य बीमा क्षेत्र में गलत स्रोतों से धन आने और मनी लांडरिंग पर अंकुश लगाना है। इरडा ने कहा कि यह बीमा कंपनी की जिम्मेदारी होगी कि वह पैन के ब्यौरे की जांच करे। पैन करदाताओं को जारी किया जाता है। आतंकी वित्त पोषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कहा कि प्रीमियम जमा करने वाले व्यक्ति या इकाई का ब्यौरा हासिल करना महत्वपूर्ण हो जाता है। बीमा नियामक ने कहा कि 10 लाख रुपये से अधिक का कोई भी नकदी लेनदेन और प्रतिमाह आंतरिक तौर पर 10 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की सूचना हर महीने के पहले पखवाड़े के अंत तक वित्तीय खुफिया इकाई को दी जानी चाहिए। इरडा ने कहा कि बीमा कंपनियों को पैन का ब्यौरा देने से बचने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए एक उचित प्रणाली लागू करनी चाहिए।