खास बातें
- वित्तमंत्री ने कहा कि मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने पर विचार उचित समय पर किया जाएगा और उन्होंने इस बाबत रिजर्व बैंक के गवर्नर से चर्चा की है।
वाशिंगटन: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने पर विचार उचित समय पर किया जाएगा और उन्होंने रुपये में गिरावट के मुद्दे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव से चर्चा की है। वित्तमंत्री और आरबीआई गवर्नर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में हिस्सा लेने आए हैं। मुखर्जी ने संवाददाताओं के एक समूह को बताया, मैंने इस संबंध में आरबीआई गवर्नर से चर्चा की है, वह भी यहां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की स्थिति पर पैनी नजर है और आवश्यकता पड़ने पर मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने पर विचार किया जाएगा। मुखर्जी ने एक सवाल के जवाब में कहा, हम कुछ समय तक स्थिति पर नजर रखेंगे और जब हस्तक्षेप करने की जरूरत पड़ेगी, हम उस स्थिति में उस पर विचार करेंगे। स्थानीय मुद्रा मूल्य के भारी उतार-चढ़ाव रोकने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंक जरूरत पड़ने पर विदेशी मुद्राओं की खरीद-फरोख्त करते हैं। इस सप्ताह डॉलर के मुकाबले रुपया 231 पैसे या 4.89 प्रतिशत कमजोर हो गया। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 49.90 रुपये प्रति डॉलर तक टूटने के बाद थोड़ा सुधरकर 49.43 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा था कि फिलहाल, मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने की कोई पहल नहीं की गई है।