खास बातें
- वर्ष 2012-13 का आम बजट 15 मार्च के आसपास पेश हो सकता है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसके संकेत दिए।
नई दिल्ली: वर्ष 2012-13 का आम बजट 15 मार्च के आसपास पेश हो सकता है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसके संकेत दिए।
उत्तरप्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम बजट देर से पेश किया जा रहा है। आमतौर पर हर साल फरवरी अंत में आम बजट संसद में पेश होता है।
प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा, संसद का बजट सत्र बुलाने के लिए मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति की बैठक फरवरी के पहले सप्ताह में होगी। मुखर्जी ने कहा, संसद के बजट सत्र की शुरुआत में हर साल होने वाला राष्ट्रपति का संबोधन 9 मार्च के बाद ही हो सकता है। विधानसभा चुनावों के कारण 9 मार्च तक चुनाव आचार संहिता लागू है।
यह पूछे जाने पर क्या केन्द्रीय बजट मार्च के बीच में किसी समय पेश किया जा सकता है, जवाब में उन्होंने कहा ‘‘हां।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि आम बजट मामले में दो तिथियों का संवैधानिक महत्व है। पहली यह कि 31 मार्च से पहले बजट पर लेखानुदान पारित हो जाना चाहिए ताकि एक अप्रैल से शुरु होने वाले नए वित्त वर्ष में सरकारी खजाने से धन निकासी की जा सके। दूसरा 75 दिन की समयसीमा के भीतर कर प्रस्ताव संबंधी वित्त विधेयक को पारित होना चाहिए।
वोडाफोन कर मामले में उच्चतम न्यायालय के हाल के निर्णय के बारे में पूछे गए एक सवाल पर वित्त मंत्री ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, केवल इतना कहा कि सरकार इसका अध्ययन करेगी। विदेशों में कालाधन रखने वाले लोगों को दंडित करने की कारवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।