खास बातें
- वित्तमंत्री ने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्याज की कीमतें जल्द नीचे आएंगी। पिछले महीने प्याज का दाम 80 रुपये तक पहुंच गया था।
New Delhi: वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्याज की कीमतें जल्द नीचे आएंगी। पिछले महीने प्याज का खुदरा दाम 80 रुपये किलो की ऊंचाई पर पहुंच गया था। अकाउंटिंग संगठन आईसीएआई द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के मौके पर मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, हमने पहले ही आयात शुल्क को कम कर शून्य कर दिया है। इसलिए हमें उम्मीद है कि स्थिति में कुछ सुधार होगा और कुछ नरमी आएगी। प्याज की कीमत 20-21 दिसंबर को देश के प्रमुख शहरों में 70 से 85 रुपये प्रति किलो हो गई थी। बेमौसम बारिश की वजह से महाराष्ट्र में प्याज की फसल को हुए नुकसान की वजह से इसकी कीमतों में अचानक उछाल आ गया था। देश में महाराष्ट्र और कर्नाटक दो प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य हैं, जहां से देश के कुल 1.2 करोड़ टन के 40 प्रतिशत भाग का उत्पादन होता है। सरकार ने निर्यात को प्रतिबंधित करने के साथ-साथ इस पर लगने वाले आयात शुल्क को हटा दिया था, ताकि घरेलू आपूर्ति को बढ़ाया जा सके। निजी व्यापारियों ने अमृतसर के रास्ते सड़क मार्ग से 5,000 टन प्याज का पहले ही आयात किया है। आज की तारीख में प्याज का खुदरा मूल्य मेट्रो शहरों में 45-60 रुपये प्रति किलो है, लेकिन महाराष्ट्र और गुजरात से ताजा फसल के आने के बाद इसमें गिरावट आने की संभावना है। नई फसल 15 जनवरी तक बाजार में आने की संभावना है।