खास बातें
- प्रणब ने कहा, पश्चिमी देशों में घटनाक्रम से कुछ हद तक भारत की वृद्धि दर प्रभावित हुई है। पश्चिमी देशों में तेज सुधार हम सभी के हित में है।
कोलकाता: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि देश वैश्विक आर्थिक संकट से पहले की 9 प्रतिशत वृद्धि दर के रास्ते पर लौट रहा है, हालांकि, अर्थव्यवस्था में ऊंची मुद्रास्फीति एवं पूंजी प्रवाह में तेजी चिंता का कारण बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में दर्ज 8.9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का ध्यान दिलाते हुए मुखर्जी ने कहा, इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था वैश्विक संकट से पहले की स्थिति में लौटर रही है, हालांकि इसमें ऊंची मुद्रास्फीति चिंता का कारण बनी हुई है। यहां भारतीय प्रबंधन संस्थान में आयोजित दूसरे अंतरराष्ट्रीय वित्त सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ने कहा, पश्चिमी देशों में घटनाक्रम से कुछ हद तक भारत की वृद्धि दर प्रभावित हुई है। पश्चिमी देशों में तेज सुधार हम सभी के हित में है। मुखर्जी ने कहा, यूरोप में, आयरलैंड द्वारा यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से सहायता मांगने को लेकर कुछ चिंता है। यूरोपीय संघ में कुछ अन्य देश भी सरकारी ऋण की समस्याओं का सामना कर सकते हैं। बढ़ती महंगाई पर उन्होंने कहा, प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि तेज रही है। हालांकि, मुद्रास्फीति और पूंजी प्रवाह में तेजी चिंता की वजह है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की मांग-आपूर्ति के बीच अंतर के अलावा, विदेशी पूंजी प्रवाह में तेजी से भी मुद्रास्फीति की वृद्धि को बल मिल रहा है।