खास बातें
- प्रणब ने देश के पश्चिमी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि विभिन्न नियमों के कारण अटकी पड़ी आधारभूत परियोजनाओं को मंजूरी देने में शीघ्रता करें।
मुम्बई: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को देश के पश्चिमी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि विभिन्न नियमों के कारण अटकी पड़ी आधारभूत परियोजनाओं को मंजूरी देने में शीघ्रता करें। मुखर्जी ने यहां महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव तथा दादर और नगर हवेली के मुख्यमंत्रियों या प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। उन्होंने कहा, "हमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से पता चला है कि 140 से अधिक परियोजनाएं विभिन्न नियमों के कारण लटकी पड़ी हैं। आधारभूत और विनिर्माण क्षेत्र की परियोजनाओं को मंजूरी देने में देरी लगाने से अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।" मुखर्जी ने कहा कि इससे निवेश रुक रहा है और रोजगार सृजन भी नहीं हो रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री इस पर निजी तौर पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस साल किसानों को 4,75,000 करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य तय किया है। इसमें से 1,12,731 करोड़ रुपये के ऋण दिए जा चुके हैं। मुखर्जी ने कहा कि वित्तीय समेकन के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की स्वाभिमान योजना के लिए 73,000 आबादी समूहों की पहचान की गई है। इसमें से 15,547 क्षेत्र पश्चिमी क्षेत्र में हैं। इनमें से 5,940 क्षेत्र तक बैंक पहुंच चुके हैं। मुखर्जी ने राज्यों और बैंकों से कहा कि वे बाकी क्षेत्रों तक भी मार्च 2012 तक पहुंचने का लक्ष्य पूरा करें। मुखर्जी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और दादर और नगर हवेली में ऋण-जमा अनुपात (सीडीआर) में कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि बैंक वहां राज्य स्तरों के बैंकरों की समिति की मदद लें। बैठक में देश की प्रमुख सार्वजनिक कम्पनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारी भी मौजूद थे।