खास बातें
- मंदी के मद्देनजर योजना आयोग सालाना स्तर पर 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के लिए सालाना वृद्धि का लक्ष्य घटाकर 8 फीसद कर सकता है जबकि इससे पहले नौ फीसद का अनुमान जाहिर किया गया था।
नई दिल्ली: मंदी के मद्देनजर योजना आयोग सालाना स्तर पर 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के लिए सालाना वृद्धि का लक्ष्य घटाकर 8 फीसद कर सकता है जबकि इससे पहले नौ फीसद का अनुमान जाहिर किया गया था।
योजना मंत्री अश्वनी कुमार ने कहा ‘12वीं योजना के दौरान सालाना औसत वृद्धि दर करीब आठ फीसद हो सकती है आठ फीसद की वृद्धि दर व्यावहारिक है।’ उन्होंने कहा कि आयोग ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर वैश्विक समस्या के असर पर विचार करने के लिए कई बैठकें बुलाईं और आम तौर पर इस बात पर सहमति बनी कि एक अप्रैल 2012 से शुरू हुई योजनावधि में नौ फीसद की वृद्धि दर हासिल करना मुश्किल है।
वैश्विक चिंता और घरेलू समस्या से बुरी तरह प्रभावित भारतीय आर्थिक वृद्धि दर जनवरी-मार्च की तिमाही (5.3 फीसद) और वित्त वर्ष 2011-12 में 6.5 फीसद पर आ गई जो 9 साल का निम्नतम स्तर है। चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 7.6 फीसद वृद्धि का अनुमान जाहिर किया है।
हालांकि कुमार के मुताबिक 2012-13 के दौरान आर्थिक वृद्धि दर करीब 7 फीसद रहेगी। बारहवीं योजना के दृष्टिकोण पत्र में आयोग ने कहा था ‘‘12वीं योजना के दौरान सकल घरेलू उत्पाद में नौ फीसद की वृद्धि का लक्ष्य वृहद-आर्थिक परिप्रेक्ष्य में व्यावहारिक होगा, 12वीं योजना अवधि में सकल घरेलू उत्पाद में नौ फीसद की औसत वृद्धि का लक्ष्य होना चाहिए।’’