यह ख़बर 21 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर उपकर चाहता है योजना आयोग

खास बातें

  • योजना आयोग ने पेट्रोल और डीजल जैसे प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर एक उपकर लगाए जाने की वकालत की, ताकि उपकर से मिले धन का इस्तेमाल देश में स्वच्छ ऊर्जा पर सब्सिडी देने में किया जा सके।
New Delhi:

योजना आयोग ने पेट्रोल और डीजल जैसे प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर एक उपकर लगाए जाने की वकालत की, ताकि उपकर से मिले धन का इस्तेमाल देश में स्वच्छ ऊर्जा पर सब्सिडी देने में किया जा सके। जलवायु परिवर्तन पर आयोजित सम्मेलन के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर उपकर लगाकर स्वच्छ ऊर्जा को सब्सिडी उपलब्ध कराने का एक मामला बनता है। उन्होंने कहा, जब तक हम इसे (स्वच्छ ऊर्जा) आत्मनिर्भर नहीं बनाते, पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन के लिए हमें सब्सिडी पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिसे बजट में उपलब्ध कराया जा सकता है। मोंटेक ने कहा कि सरकार ने पिछले साल कोयला पर 5 प्रतिशत उपकर पेश कर इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोयले पर उपकर से मिली राशि से एक हरित ऊर्जा कोष बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल अनुसंधान या इस तरह की परियोजनाओं को लागू करने में किया जाएगा।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com