नई दिल्ली:
किसी भी तरह के लेन देन में डेबिट कार्ड के इस्तेमाल पर अब पिन डालना अनिवार्य होगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने यह कदम डेबिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी की आशंका को कम से कम करने के लिए उठाया है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्रिकी केंद्रों (पीओएस) तथा व्यावसायिक खुदरा केंद्रों पर पिन डालने की अनिवार्यता के कार्यान्वयन की समयसीमा, बैंकों के ज्ञापन के बाद 30 नवंबर तक बढ़ा दी थी। पिन से आशय हर डेबिटकार्डधारक को आवंटित व्यक्तिगत कूट संख्या या एटीएम पिन से है।
एचडीएफसी के प्रमुख (कार्ड भुगतान उत्पाद) पराग राव ने कहा कि हमारी प्रणाली तैयार है और हमने पिन स्वीकार करने के लिए हमारे सभी पीओएस आदि में बदलाव किए हैं। इस बारे में ग्राहकों को भी एसएमएस, मेल के जरिए सूचित किया गया है।
एसबीआई ने भी जागरूकता अभियान के तहत एक नोटिस में ग्राहकों से कहा है कि वे एटीएम सह डेबिट कार्ड किसी अन्य को नहीं सौंपे।
केनरा बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिन डेबिट कार्ड के लिए सुरक्षा की एक और परत है। क्रेडिट कार्ड के मामले में यह अनिवार्यता अंतरराष्ट्रीय लेन देन (इंटरनेट सहित) के लिए की गई है।
डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को कम करने के लिए रिजर्व बैंक ने सितंबर 2011 को इसमें अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के बारे में दिशानिर्देश जारी किए थे।