यह ख़बर 14 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

किंगफिशर के पायलट फिर से हड़ताल पर, कई उड़ानें रद्द

खास बातें

  • पिछले पांच महीने से पगार न मिलने के विरोध में किंगफिशर पायलटों के काम बंद कर देने से कंपनी की उड़ानों का समय गड़बड़ा गया और 30 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं।
नई दिल्ली / मुंबई:

पिछले पांच महीने से पगार न मिलने के विरोध में किंगफिशर पायलटों के काम बंद कर देने से कंपनी की उड़ानों का समय गड़बड़ा गया और 30 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं।

दिल्ली से करीब 12 उड़ानें, बेंगलुरु से 18 और मुंबई से चार उड़ानों सहित कई अन्य शहरों से उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़, कुल्लू, जयपुर और शिमला के लिए उड़ानें रद्द हुईं, जबकि बेंगलुरु से चेन्नई, मैंगलूर, मुंबई, दिल्ली, हुबली, गोवा और पुणे की उड़ानें रद्द हुईं।

एक पायलट ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि 11 और 12 जुलाई को जो पायलट काम पर नहीं आए थे, किंगफिशर प्रबंधन ने बातचीत में उनके साथ वादा किया था कि उनके वेतन का शुक्रवार तक भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन प्रबंधन अपने वादे को नहीं निभा सका।

किंगफिशर प्रवक्ता ने कहा, शुक्रवार तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों का एक वर्ग काम से दूर रहा। कंपनी का दावा है कि उसके 75 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को शुक्रवार को वेतन का भुगतान हो चुका है। प्रवक्ता ने कहा, हमने वादा किया है कि शेष कर्मचारियों को सोमवार तक उनका वेतन मिल जाएगा। जो उड़ानें रद्द हुई हैं, उनमें जाने वाले यात्रियों को दूसरी उड़ानों से भेजा जा रहा है अथवा टिकट की राशि लौटा दी गई है।

पिछले 12 दिनों में यह तीसरा मौका है, जब पायलटों ने काम रोका है। इससे पहले 11 जुलाई को किंगफिशर की 12 उड़ानें रद्द हुई थीं। उससे पहले, 2 जुलाई को हड़ताल हुई, जिस पर प्रबंधन द्वारा 6 जुलाई को भुगतान का वादा करने के बाद कुछ ही घंटों में हड़ताल वापस ले ली गई थी।

किंगफिशर एयरलाइंस इस समय 64 की बजाय मात्र 15 विमानों के जरिये अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कर रही है। वेतन का समय पर भुगतान नहीं मिलने की वजह से पिछले 5 महीनों में कंपनी के कई इंजीनियर नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं। अप्रैल में वेतन भुगतान के मुद्दे पर ही विरोध स्वरूप 200 इंजीनियर बीमार पड़ गए थे।

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किंगफिशर एयरलाइंस मई, 2005 में अपनी स्थापना के बाद से ही घाटे में चल रही है। मार्च में समाप्त तिमाही में कंपनी को 1,151.50 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। कंपनी पर कुल 7,500 करोड़ रुपये का कर्ज है और इतना ही कुल घाटा भी हो चुका है।