यह ख़बर 19 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

पेट्रोल कारों की मांग पड़ी कमजोर, कंपनियों ने रोका उत्पादन

खास बातें

  • मांग कमजोर पड़ने से जहां टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने अपने सभी पेट्रोल कारों का उत्पादन बंद कर दिया वहीं फिएट समेत अन्य कंपनियां अगले महीने कुछ दिनों के लिए उत्पादन संयंत्र बंद करने पर विचार कर रही हैं।
नई दिल्ली:

मांग कमजोर पड़ने से जहां टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने अपने सभी पेट्रोल कारों का उत्पादन बंद कर दिया वहीं फिएट समेत अन्य कंपनियां अगले महीने कुछ दिनों के लिए उत्पादन संयंत्र बंद करने पर विचार कर रही हैं।

टाटा मोटर्स इस सप्ताह पुणे संयंत्र में तीन दिन के लिए वाणिज्यिक वाहनों का उत्पादन बंद करेगी जबकि मारुति सुजुकी इंडिया सालाना रखरखाव कार्यों के लिए अगले सप्ताह कारखाने को बंद रखेगी।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपप्रबंध निदेशक (वाणिज्यिक) शेखर विश्वनाथन ने कहा, ‘हमारे पास पेट्रोल कार का कुछ भंडार है और यह 30 दिन चल सकता है। इसमें और वृद्धि रोकने के लिए हमने 16 जून से सभी प्रकार की पेट्रोल कार का उत्पादन रोकने का निर्णय किया है।’

बहरहाल, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी कब तक पेट्रोल कार के उत्पादन को बंद रखेगी।

टीकेएम छोटी कार लीवा, सेडान इटियोस तथा कोरोला अलतिस के पेट्रोल संस्करण बनाती है। इसके अलावा वह मांग पर इनोवा का पेट्रोल संस्करण भी बनाती है।

विश्वनाथन ने कहा कि कंपनी की डीजल वाहनों की बिक्री स्थिर है लेकिन प्रतीक्षा अवधि कम हो रही है। सोसाइटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार टीकेएम ने मई महीने में दोगुनी कार का उत्पादन किया और यह 8,511 इकाई रहा।

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इसी प्रकार का विचार प्रकट करते हुए फिएट इंडिया ओटोमोबाइल्स लि. (एफआईएएल) ने कहा कि उसकी पेट्रोल मॉडलों की बिक्री अच्छी नहीं है और फिलहाल वह भंडार की स्थिति की समीक्षा कर रही है।