एसबीआई रिसर्च प्रति व्यक्ति आय पर.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से भाषण में देश के लोगों के सामने 2047 तक का खाका रखा है. साल 2047 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक - देश की प्रति व्यक्ति आय वित्त वर्ष 2047 तक करीब 15 लाख रुपये होने की उम्मीद है, क्योंकि देश में मिडिल क्लास का आकार बढ़ रहा है.
2047 तक प्रति व्यक्ति आय 14.9 लाख रुपये होगी
SBI रिसर्च के मुताबिक, देश की प्रति व्यक्ति आय वित्त वर्ष 2023 में 2 लाख रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2047 तक 14.9 लाख रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. ये ऐसे होगा कि देश के 25% टैक्सपेयर्स 2047 तक सबसे निचले इनकम ग्रुप से उठकर मिडिल और अपर इनकम ग्रुप में आ जाएंगे.
SBI की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2047 में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या FY23 में 7 करोड़ से बढ़कर FY47 में 48.2 करोड़ होने की उम्मीद है. जिससे टैक्सेबल बेस में इसकी हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 22.4% से बढ़कर वित्त वर्ष 47 में 85.3% हो जाएगी. वित्त वर्ष 2047 में वर्कफोर्स भी मौजूदा 53 करोड़ से बढ़कर 72.5 करोड़ होने की उम्मीद है.
SBI की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक - टैक्स दाखिल करने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के साथ कम आय से मिडिल और अपर इनकम ग्रुप में बड़ी संख्या में लोग आए, जिससे असेसमेंट ईयर 2014 (वित्तीय वर्ष 2013) में मिडिल क्लास की वेटेड मीन इनकम 4.4 लाख रुपये से बढ़कर 13 लाख रुपये हो गई.
अब अनुमान है कि 2047 में ये इनकम बढ़कर 49.7 लाख रुपये हो जाएगी, खासकर कर दाखिल करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण, क्योंकि ज्यादा टैक्स दाखिलकरने वाले लोअर इनकम ग्रुप से अपर ग्रुप में आते हैं.
मिडिल और अपर क्लास का ट्रांजिशन
AY23 (FY22) में, 6.85 करोड़ लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न भरा, जिनमें से 64% आबादी अब भी 5 लाख रुपये तक की आय वर्ग में है, जबकि AY12 में यह आंकड़ा 84% था.
वित्त वर्ष 2047 तक 25% टैक्स फाइल करने वाले सबसे कम आमदनी वाला ग्रुप छोड़ देंगे, जबकि AY12-AY23 की अवधि में 13.6% टैक्सपेयर्स ने ऐसा किया था.
देखिए कैसे FY47 तक टैक्स फाइल करने वाले सबसे निचले तबके से बाहर आने की उम्मीद की जा रही है.
- 17.5% फाइलर्स 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के आय वर्ग में चले गए
- 5% फाइलर्स के 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये के आय वर्ग में आने की उम्मीद
- 3% को 20 लाख रुपये - 50 लाख रुपये के ब्रैकेट में ट्रांसफर होने की उम्मीद है
- 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के समूह में ट्रांसफर होने वाले 0.5% होंगे
- 0.075% टैक्स फाइलर्स 1 करोड़ रुपये से अधिक आय वर्ग में जाएंगे