यह ख़बर 31 जनवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

बीते साल पचास हजार रुपये के पार पहुंची प्रतिव्यक्ति आय

खास बातें

  • बेशक विकसित देश इन दिनों आर्थिक मंदी और खर्चों में भारी कटौती का सामना कर रहे हैं पर इसी दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 2010-11 में एक साल पहले की तुलना में 15.6 प्रतिशत बढ़कर 53,331 रुपये सालाना हो गई।
नई दिल्ली:

बेशक विकसित देश इन दिनों आर्थिक मंदी और खर्चों में भारी कटौती का सामना कर रहे हैं पर इसी दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 2010-11 में एक साल पहले की तुलना में 15.6 प्रतिशत बढ़कर 53,331 रुपये सालाना हो गई। इस प्रकार देश में हर व्यक्ति अब हर महीने औसतन 4,445 रुपये की कमाई कर रहा है।

केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के राष्ट्रीय आय के जारी त्वरित अनुमान के अनुसार, ‘वर्ष 2010-11 में वर्तमान मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 53,331 रुपये सालाना रही। एक साल पहले यह 46,117 रुपये सालाना रही थी। यह वृद्धि 15.6 प्रतिशत की रही।’ पिछले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की गई और उसी के आधार पर प्रतिव्यक्ति आय में यह वृद्धि हासिल की गई। देश की राष्ट्रीय आय को जनसंख्या से भाग करने पर जो राशि निकलती है वह प्रति व्यक्ति आय मानी जाती है। देश की समृद्धि के लिहाज से यह महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

हालांकि, वर्ष 2004-05 के स्थिर मूल्यों के लिहाज से प्रति व्यक्ति आय का यह आंकड़ा वर्ष 2010-11 में 35,993 रुपये सालाना बैठता है जो कि एक साल पहले के 33,843 रुपये की तुलना में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

सीएसओ आंकड़ों के अनुसार मौजूदा बाजार मूल्य पर भारतीय अर्थव्यवस्था 2010-11 में 715 खरब 74 अरब 12 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जो कि पिछले वर्ष के 609 खरब 14 अरब 85 करोड़ रुपये की थी। इस तरह इसमें साल में 17.5 प्रतिशत विस्तार हुआ।

हालांकि, आधार वर्ष 2004-05 की कीमतों के आधार पर अनुसार 2010-11 में आर्थिक वृद्धि 8.4 प्रतिशत रही।

स्थिर मूल्यों पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 488 खरब 59 अरब 54 करोड़ रुपये रही जबकि एक साल पहले यह 450 खरब 76 अरब 37 करोड़ रुपये रही थी।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

सीएसओ के जारी ताजा आंकड़ों में जहां स्थिर मूल्यों पर वर्ष 2010-11 की आर्थिक वृद्धि को 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.4 प्रतिशत कर दिया गया वहीं 2009-10 की आर्थिक वृद्धि का अनुमान आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 8.4 प्रतिशत हो गया।