यह ख़बर 06 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

जनता सिक्कों की अपेक्षा नोटों को महत्व देती है : सरकार

खास बातें

  • सरकार का मानना है कि जनता हमेशा सिक्कों की अपेक्षा नोटों को महत्व देती है इसलिए अब तक उच्च मूल्यवर्ग के सिक्के शुरू नहीं किए जा सके हैं।
नई दिल्ली:

सरकार का मानना है कि जनता हमेशा सिक्कों की अपेक्षा नोटों को महत्व देती है इसलिए अब तक उच्च मूल्यवर्ग के सिक्के शुरू नहीं किए जा सके हैं।

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि जनता को सिक्कों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक 19 स्थानों पर अपने काउंटरों और विभिन्न बैंक शाखाओं के जरिये सिक्के वितरित करता है। बैंकों को भी सिक्का विक्रय मशीनें लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

चिदंबरम ने बताया कि जनता हमेशा सिक्कों की अपेक्षा नोटों को महत्व देती है। नोटों और सिक्कों दोनों की आपूर्ति समान है। नोट आसानी से लाए जा सकते हैं। इन कारणों के चलते अब तक उच्च मूल्य वर्ग के सिक्के शुरू नहीं किए जा सके हैं।

उन्होंने बताया कि देश में नकली भारतीय करेंसी नोटों की समस्या से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक, वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय, केंद्र और राज्यों की सुरक्षा एजेंसियां, सीबीआई आदि मिल कर काम कर रहे हैं।

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वित्तमंत्री ने बताया कि ऐसे अपराधों की जांच और अभियोजना के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के माध्यम से एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सशक्त बनाया गया है और एनआईए में भी आतंकवादी वित्तपोषण एवं जाली करेंसी प्रकोष्ठ गठित किया गया है।