'हमारी क्रिकेट टीम को जैसा फील होता है...'- Paytm IPO लिस्टिंग के पहले CEO विजय शेखर शर्मा ने शेयर की फीलिंग्स

Paytm IPO Listing : CEO विजय शेखर शर्मा ने एक ट्वीट कर कहा कि उन्हें लग रहा है कि वो 'युवा भारत की उम्मीदों और आकांक्षाओं को लेकर स्टॉक मार्केट में प्रवेश' कर रहे हैं.

'हमारी क्रिकेट टीम को जैसा फील होता है...'- Paytm IPO लिस्टिंग के पहले CEO विजय शेखर शर्मा ने शेयर की फीलिंग्स

Paytm के CEO विजय शेखर शर्मा ने लिस्टिंग से पहले किया ट्वीट. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm लगातार अपने IPO (Initial Public Offering) को लेकर चर्चा में बनी हुई है. और आखिरकार 18 नवंबर को कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो रहे हैं. आज कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो रहे हैं. इसके पहले कंपनी के फाउंडर और चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर विजय शेखर शर्मा ने एक ट्वीट कर इस मौके पर बताया कि उन्हें कैसा महसूस हो रहा है. ट्वीट में शर्मा ने लिखा कि उनको अब समझ आ रहा है कि हमारी क्रिकेट को कैसा महसूस होता है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लग रहा है कि वो 'युवा भारत की उम्मीदों और आकांक्षाओं को लेकर स्टॉक मार्केट में प्रवेश' कर रहे हैं.

विजय शेखर ने अपने ट्वीट में लिखा कि 'मैन, अब हमारी क्रिकेट टीम को समझ पा रहा हूं! इतने सारे संदेश और शुभकामनाएं. ऐसा लग रहा है कि हम युवा भारत की उम्मीदों और आकांक्षाओं को लेकर स्टॉक मार्केट में प्रवेश कर रहे हैं. 11 सालों में कोल कंपनी से फिनटेक तक- भारत बदल चुका है. हर पेटीएमर (Paytmer) को- आपने भारत को अच्छे के लिए बदला है.'

बता दें कि पेटीएम पिछले हफ्ते 2.5 बिलियन डॉलर का पेटीएम देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आया था. 18,300 करोड़ का यह आईपीओ अब तक के सबसे बड़े आईपीओ- Coal India के 15,000 करोड़ के आईपीओ- से भी बड़ा था. इसे 1.89 गुना तक सब्सक्राइब किया गया था.

कैसे हुई थी पेटीएम की शुरुआत

विजय शेखर शर्मा ने 2010 में पेटीएम की शुरुआत मोबाइल रिचार्ज करने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर की थी. इसके कुछ सालों बाद कैब एग्रीगेटर कंपनी Uber ने इसे अपने प्लेटफॉर्म पर पेमेंट ऑप्शन के तौर पर जोड़ा, जिसके बाद इसकी चर्चा बढ़ी. हालांकि, इसे सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू तब मिला जब नवंबर, 2016 में भारत सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की. बड़े नोटों को बंद कर दिया गया और कैश निकासी पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिए गए. उस वक्त ही सरकार डिजिटल पेमेंट को तेजी से प्रमोट करना शुरू किया और इसका सबसे ज्यादा फायदा पेटीएम को हुआ.

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विजय शेखर शर्मा के पिता स्कूल टीचर थे और आज शेखर अरबपति बन चुके हैं. Forbes के मुताबिक, शेखर शर्मा का नेटवर्थ 2.4 बिलियन डॉलर है. यहां तक कि उनकी कंपनी को चीनी बिजनेस टाइकून जैक मा की कंपनी, जापान के SoftBank और वॉरेन बफेट के Berkshire Hathaway जैसी शीर्ष की कंपनियों से बैकिंग मिली हुई है. ये कंपनियां पेटीएम में हिस्सेदारी रखती हैं.