'Paytm के स्टॉक ऑप्शंस के लिए हकदार नहीं हैं CEO Vijay Shekhar Sharma'

IiAS ने एक नोट में कहा कि भले ही शर्मा एक प्रमोटर के रूप में क्लासिफाइड नहीं है, लेकिन उनके पास बोर्ड में एक स्थायी सीट के साथ ही वैसे सभी अधिकार हैं.

'Paytm के स्टॉक ऑप्शंस के लिए हकदार नहीं हैं CEO Vijay Shekhar Sharma'

पेटीएम सीईओ विजय शेखर शर्मा.

नई दिल्ली:

पेटीएम अपने फाउंडर (PayTm Founder) और सीईओ विजय शेखर शर्मा (PayTm CEO Vijay Shekhar Sharma) को एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस (Employee stock options) देने में नियमों को दरकिनार कर सकती है. एक प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म इंस्टीट्यूशनल एडवाइजरी सर्विसेस (Institutional Investor Advisory Services) IiAS ने एक नोट में कहा कि भले ही शर्मा एक प्रमोटर के रूप में क्लासिफाइड नहीं है, लेकिन उनके पास बोर्ड में एक स्थायी सीट के साथ ही वैसे सभी अधिकार हैं. इस एडवाइजरी फर्म का कहना है कि भले ही विजय शेखर शर्मा एक प्रमोटर के रूप में क्लासिफाइड नहीं हैं, लेकिन उनके पास बोर्ड में एक स्थाई सीट के साथ ही कुछ वैसे ही अधिकार मिले हुए हैं.

शर्मा ने इक्विटी को पारिवारिक ट्रस्ट में स्थानांतरित कर के अपनी प्रत्यक्ष हिस्सेदारी कम की है. ऐसा उन्होंने इसलिए किया ताकि वह ESOP (employee stock ownership plan) के लिए योग्य हो जाएं. फर्म का कहना है कि रेगुलेटर को इस कदम की जांच करनी चाहिए. ये किस नियम की वजह से करना पड़ा? 
 

एक रिपोर्ट के अनुसार अगर भारतीय कंपनी कानून की बात करें तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स ESOP नहीं ले सकते हैं. 

पेटीएम के आईपीओ की लिस्टिंग के बाद इसमें भारी गिरावट आई है. इसके बाद अब सैलरी को लेकर तगड़ी जांच हो रही है. एडवाइजरी फर्म ने पिछले साल विजय शेखर शर्मा को फिर 5 साल के लिए सीईओ बनाए जाने के प्रस्ताव पर सवाल खड़ा किया था. इस पद के लिए प्रस्तावित वेतन का भी विरोध हुआ था. 

सेंसेक्स 30 में शामिल कंपनियों के अधिकारियों का वेतन देखें तो पता चलेगा कि इनका वेतन सबसे अधिक है. ऐसे में फर्म ने शेयरधारकों से कहा था कि वह विजय शेखर शर्मा को सीईओ बनाए जाने के फैसले के विरोध में वोट करें. 

गौरतलब है कि मार्च 2022 में सप्ताह तिमाही में 9 रुपये प्रति शेयर की दर से उन्हें करीब 2.1 करोड़ ऑप्शंस जारी किए गए हैं, जिनकी कीमत 50 करोड़ डॉलर है. मीडिया के मुताबिक अगर इससे अनुमान लगाया जाए तो 2023 में उन्हें करीब 796 करोड़ रुपये की सैलरी मिलेगी. यह भी तब कि घाटा बने रहने के बावजूद वेतन का भुगतान होगा. यही कारण है कि सैलरी को लेकर विवाद हुआ था. 

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15 नवंबर 2021 को पेटीएम का आईपीओ (Paytm IPO) आया था. यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था. आईपीओ के तहत पेटीएम के शेयरों की कीमत 2150 रुपये थी, लेकिन उसके बाद से गिरते-गिरते कंपनी के शेयर एक चौथाई के करीब आ गए.