यह ख़बर 07 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

भविष्य में भागीदारी की रणनीति पर होगा जोर : मुकेश अंबानी

खास बातें

  • अंबानी ने कंपनी के शेयरधारकों की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी अपने पास आ रहे पैसे को नई परियोजनाओं और नए कारोबार में अपेक्षाकृत अधिक तेजी से निवेश कर रही है।
मुंबई:

रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा कि कारोबार के विस्तार की उनकी भविष्य की योजना में भागीदारी की रणनीति की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि रिलायंस उद्योग समूह आपने तमाम प्रकार के व्यवसायों में विश्व की प्रमुख कंपनियों के साथ भागीदारी करना चाहेगा।

अंबानी ने कंपनी के शेयरधारकों की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी अपने पास आ रहे पैसे को नई परियोजनाओं और नए कारोबार में अपेक्षाकृत अधिक तेजी से निवेश कर रही है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ने पेट्रोलियम और खुदरा व्यवसाय में समझौतों का जिक्र करते हुए कहा, हम अपने सभी कामों में विश्व की अग्रणी कंपनियों को जोड़ रहे हैं। हमने बीपी के साथ भागीदारी की है...हमारे साथ रिटेल क्षेत्र के प्रमुख वैश्कि नाम जुड़े हैं। ये भागीदारियां हमारी भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं।

उन्होंने देश-विदेश में मौजूदा आर्थिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में पूरी दुनिया में कारोबार में जितने झटके लगे हैं, उतना पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके रिलायंस समूह संपत्ति की दृष्टि से और मजबूत हुआ है और अपने मुख्य कारोबार में इसकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ी है।

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अंबानी ने यह भी कहा कि रिलायंस के खुदरा कारोबार भारत के नगर और गावों में रोजागार के अनेक नए अवसर सृजित होंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने प्रथम सार्वजनिक निर्गम के बाद 35वें वर्ष में प्रवेश किया है। इसका आईपीओ 1977 में आया था। उन्होंने अपने बूते कंपनी की तरक्की को एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा, 1977 में आईपीओ के समय कंपनी में लगाया गया 1,000 रुपया आज बढ़कर 7.8 लाख रुपये का हो गया है। मुकेश अंबानी इस पूरी अवधि में कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं।