यह ख़बर 24 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आर्थिक स्थिति कठिन, और सुधारों की दरकार : चिदंबरम

खास बातें

  • कठिन आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश और गलतियां बर्दाश्त नहीं कर सकता।
नई दिल्ली:

कठिन आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश और गलतियां बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे पर अंकुश लगाने तथा आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए और सुधारों की जरूरत है।

शंकर अय्यर की पुस्तक ‘एक्सिडेंटल इंडिया’ के विमोचन समारोह में वित्तमंत्री ने कहा, आज हम कठिन स्थिति का सामना कर रहे हैं। मुझे लगता है कि महत्वपूर्ण यह है कि हम और गलतियां न करें। हमें शीघ्रता से राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर लौटना होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि आज देश में आर्थिक जीवन के प्रत्येक पहलू को सुधारों की जरूरत है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

उन्होंने कहा कि सुधारों के प्रति विरोध को देखकर वह हैरान नहीं हैं। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता सुधार ही है। हां, हम इस पर चर्चा कर सकते हैं कि कौन से सुधार जरूरी हैं और कौन से जरूरी नहीं हैं। कौन से सुधार प्राथमिकता हैं और कौन से नहीं। सरकार द्वारा हाल में आधार के इस्तेमाल से नकद सब्सिडी हस्तांतरण के फैसले के बारे में चिदंबरम ने कहा, नकदी हस्तांतरण से सब्सिडी में भारी बचत होगी। इस तरह इसमें खामियों को भी दूर किया जा सकेगा।